P Chidambaram Interview: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने ऑपरेशन ब्लू स्टार और इंदिरा गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है. हिमाचल प्रदेश के कसौली में खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल में कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार एक गलती थी. स्वर्ण मंदिर को फिर से हासिल करने का तरीका गलत था. इंदिरा गांधी को ऑपरेशन ब्लू स्टार की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. सिर्फ इंदिरा गांधी ही दोषी नहीं हैं और न ही मैं किसी सैन्य अधिकारी का अपनमान कर रहा हूं, लेकिन सरकार, सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर जो फैसला लिया था, वह गलत था.
चिदंबरम के बयान पर SGPC का पलटवार
ऑपरेशन ब्लू स्टार पर चिदंबरम के बयान पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की प्रतिक्रिया आई है. कमेटी की ओर से चिदंबरम के बयान का स्वागत किया, लेकिन झूठ बोलने का आरोप भी लगाया. कमेटी ने कहा कि गोल्डन टेंपल को वापस पाने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार का फैसला पूरी तरह से इंदिर गांधी का था, लेकिन चिदंबरम झूठ बोल रहे हैं कि इस फैसले को उन्होंने सेना, पुलिस, खुफिया एजेंसियों की सहमति से लिया था, नहीं ऐसा नहीं था, ऑपरेशन ब्लू स्टार इंदिरा गांधी का खुद का फैसला था. इसलिए चिदंबरम का बयान आधा सच और आधा झूठ है.
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ऑपरेशन ब्लैक थंडर चलाते तो अच्छा रहता
पूर्व केंद्रीय गृह और वित्त मंत्री ने कहा कि स्वर्ण मंदिर को सेना से बाहर रखने का फैसला लेकर ऑपरेशन ब्लैक थंडर चलाया जाता तो वह सही रहता. ऑपरेशन ब्लू स्टार सही नहीं था. ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून 1984 से 10 जून 1984 तक चला. 6 जून 1984 को भारतीय सेना स्वर्ण मंदिर में घुसी थी और जरनैल सिंह भिंडरावाले और उसके साथियों से स्वर्ण मंदिर को आजाद कराया था. दमदमी टकसाल के प्रमुख भिंडरावाले ने स्वर्ण मंदिर में हथियार छिपाकर इसे हाईजैक कर लिया था. सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए ही ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था.
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चिदंबरम ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने भिंडरावाले के साथ सभी आतंकियों को ढेर कर दिया और 4 महीने बाद 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके ही सिक्योरिटी गार्ड ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी.
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