भारत के पहले कृत्रिम मेधा यानी एआई एयरक्राफ्ट 'काल भैरव' का निर्माण कार्य जल्द ही पुर्तगाल में शुरू होने वाला है. भारत की एआई वारफेयर कंपनी FWDA पुर्तगाल की कंपनी SKETCHPIXEL के साथ मिलकर इन एयरक्राफ्ट का निर्माण करेगी. यह एडवांस एयरक्राफ्ट बनाने में काफी नामी कंपनी है. यह कंपनी फाइटर जेट के सिमुलेशन सिस्टम का भी निर्माण करती है. समझौते के अनुसार, पुर्तगाली कंपनी सिमुलेशन सिस्टम बनाने में योगदान देगी. वहीं, भारत की FWDA मुख्य ऑटोनोमस सिस्टम और एयरफ्रेम डिजाइन का काम संभालेगी.
आपको बता दें कि अब एयरफोर्स और नेवी दोनों में ही एआई आधारित युद्ध को प्रमुखता दी जा रही है. इसके अलावा ड्रोन और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वैपर का चलन बढ़ रहा है. यूक्रेन-रूस का युद्ध हो या फिर अमेरिका और ईरान का, ड्रोन से ही बड़े-बड़े हमले किए जा रहे हैं. इसीलिए रक्षा मंत्रालय के 87 मीडिया एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस ड्रोन (MALE) भी खरीदने पर विचार कर रहा है.
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क्या है विमान की खासियत?
जानकारी के अनुसार, इस विमान की पेलोड क्षमता 91 किलो की है. 15 हजार फीट की ऊंचाई पर यह 25 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है. इसके अलावा युद्ध की स्थिति में यह 11 घंटे की उड़ान भर सकता है. इसकी रेंज 3 हजार किलोमीटर की है. विमान की क्रूज स्पीड 42 मीटर प्रति सेकंड है.
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विमान की है कितनी क्षमता?
बता दें कि यह विमान एआई सिस्टम से लैस है. इसकी रेंज 3000 किलोमीटर की होगी और लगातार 30 घंटे उड़ान भर सकेगा. इसमें एआई आधारित लक्ष्य तय करने की क्षमता होगी. इसके अलावा कोऑर्डिनेशन सिस्टम भी एआई पर आधारित होगा.
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अमेरिका के प्रीडेटर से इतना सस्ता
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका का एमक्यू-9 रीपर प्रीडेटर जोन करीब 1000 करोड़ रुपये का है. जबकि भारतीय काल भैरव की लागत लगभग 100 करोड़ ही आएगी.
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