इंडियन नेवी को नया वाइस एडमिरल मिला है. एडमिरल अजय कोचर ने नौसेना के 48वें डिप्टी चीफ का पदभार संभाला है. नौसेना से न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, एडमिरल अजय कोचर के पास समुद्री सुरक्षा,आधुनिक युद्ध की रणनीति और हाई लेवल का नौसैनिक संचालन का लगभग 28 साल का अनुभव है. एडमिरल अजय कोचर ने ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरे नौसेना की कमान संभाल रखी थी. आईएनएस विक्रांत पर ये खुद मौजूद थे, अगर पाकिस्तानी नौसेना जरा भी अपनी हद को पार करने की कोशिश करती तो भारतीय नौसेना पूरे पाकिस्तान को विश्व के नक्शे से खत्म करने के लिए तैयार बैठी हुई थी. वाईस चीफ के पद पर बैठने से पहले एडमिरल अजय कोचर ने दिल्ली में मौजूद राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की. इस मौके पर उन्होंने देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देकर सम्मान व्यक्त किया. इसके बाद साउथ ब्लॉक लॉन्स में उन्हें औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया. यह सम्मान भारतीय नौसेना में उनके नए पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले एक औपचारिक परंपरा के तहत दिया गया. इस कार्यक्रम के दौरान उच्च सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक सम्मान प्रक्रिया पूरी की गई.
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कहां पर कार्यरत थे एडमिरल अजय कोचर
एडमिरल कोचर अंडमान और निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ थे, यह भारत की एकमात्र त्रि-सेवा संयुक्त कमान है, जो देश के रणनीतिक समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है. इससे पहले उन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान में चीफ ऑफ स्टाफ रहते हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण समुद्री तैनाती और रणनीतिक संचालन का नेतृत्व किया था. वाइस एडमिरल अजय कोचर 1 जुलाई 1988 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे. वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला, डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, नौसेना युद्ध कॉलेज, मुंबई और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, यूनाइटेड किंगडम के पूर्व छात्र हैं. इन्हे तोपखाने और मिसाइल युद्ध का विशेषज्ञ माना जाता हैं. उन्होंने भारतीय नौसेना के पांच युद्धपोतों की कमान संभाली है. 29 जून 2013 को, तलवार श्रेणी के स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर के रूप में, उन्होंने रूस के कैलिनिनग्राद में जहाज को कमीशन किया . एक कप्तान के तौर पर , उन्होंने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य के तीसरे कमांडिंग ऑफिसर के रूप में कार्य किया .
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देश के प्रति क्या योगदान?
अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 2022 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है. नौसेना का कहना है कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक भूमिकाओं में भी देश के लिए अहम योगदान दिया है. वाइस एडमिरल अजय कोचर का विवाह रेमान से हुआ है, जो एक कलाकार हैं. ये विज्ञापन और शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है. इन्हें एक बेटा और एक बेटी है. बेटी, सबा, एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करती है और बेटा करण, एक वित्तीय परामर्श फर्म में कार्यरत है.
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