पश्चिमी नौसेना कमान के तहत काम करने वाली भारतीय नौसेना की एक फ्रंटलाइन फ्रिगेट,आईएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में 2500 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों को जब्त कर लिया है। आपको बता दें, समुद्री सुरक्षा को देखते हुए पश्चिमी हिंद महासागर में तैनात, आईएनएस तरकश सक्रिय रूप से संयुक्त टास्क फोर्स 150 कमांडो के साथ काम कर रहा है। यह संयुक्त समुद्री बलों का हिस्सा है और बहरीन में स्थित है। जहाज बहु-राष्ट्रीय बलों के संयुक्त फोकस ऑपरेशन, ANZAC टाइगर में भाग ले रहा है। गश्त के दौरान INS Tarkash ने क्षेत्र में संदिग्ध जहाजों के बारे में भारतीय नौसेना P8I विमान से कई इनपुट मिले। इन जहाजों को अवैध गतिविधियों में शामिल माना जाता था, जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी भी शामिल थी।
बहुराष्ट्रीय अभियान का भाग
आईएनएस तरकश जनवरी 2025 से पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा अभियानों के तहत तैनात है। यह जहाज संयुक्त समुद्री बल (CMF) के तहत संयुक्त कार्य बल (CTF) 150 का भाग है, जिसका मुख्यालय बहरीन में मौजूद है। यह अंज़ैक (ANZAC) टाइगर नामक बहुराष्ट्रीय अभियान में भी भाग ले रहा है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है।
जहाज ने संदिग्ध जहाजों को रोकने के लिए अपने टास्क को बदल दिया। आसपास के इलाकों में सभी संदिग्ध जहाजों से पूछताछ करने के बाद, आईएनएस तरकश ने इंटरसेप्ट किया। वहां एक संदिग्ध धौ (Dhow) पर सवार हो गया, जो मुंबई में P8I और मैरीटाइम ऑपरेशंस सेंटर के साथ कॉर्डिनेटर के तौर पर काम कर रहा है। एक विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम, मरीन कमांडो के साथ, संदिग्ध पोत पर सवार हुई और पूरी तरह से खोज की, जिससे अलग-अलग सील पैकेटों की खोज हुई। आगे की खोज और पूछताछ में 2,500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों का पता चला है। इसके अलावा 121 किलोग्राम हेरोइन अलग-अलग कार्गो होल्ड्स और डिब्बों में रखा गया था। संदिग्ध Dhow को बाद में INS Tarkash के नियंत्रण में लाकर सघन जांच की जा रही है।
संदिग्ध जहाज को नियंत्रण में लिया गया
आईएनएस तरकश ने संदिग्ध धौ को अपने नियंत्रण में लेते हुए उसके चालक दल से गहन पूछताछ की। इसमें उनके कार्यप्रणाली और इलाके में अन्य संदिग्ध जहाजों की मौजूदगी के बारे में जानकारी ली गई है।