jp Yadav
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Indian Meteorological Department Rain less August 2023: ग्लोबल वॉर्मिंग और अल नीनो के प्रभाव से भारत समेत पूरी दुनिया इस बार कुछ ज्यादा ही प्रभावित है। यही वजह रही कि इस बार अगस्त महीना सर्वाधिक सूखा रहा। इसका अंदाजा इस बाद से लगाया जा सकता है कि अगस्त महीने में गुजरात राज्य में सबसे कम यानी सामान्य से 90 प्रतिशत बारिश हुई है।
यही स्थिति केरल के अलावा राजस्थान, कर्नाटक और मध्य प्रदेश की भी है। मध्य प्रदेश को छोड़ दें तो इन सभी राज्यों में औसत 70 प्रतिशत कम बारिश हुई है। कुल मिलाकर यह कृषि क्षेत्र और भारत की आर्थिक स्थिति के लिए भी सकारात्मक खबर नहीं है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, सितंबर में कितनी ही अच्छी बारिश क्यों नहीं हो जाए, लेकिन इससे साल भर की भरपाई असंभव है। यह भारत सरकार के लिए भी चौंकाने वाली है, क्योंकि इससे कृषि उत्पादन पर प्रभाव पड़ना तय है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) के अनुसार, 1901 में इस साल अगस्त का महीना सबसे सूखा रहा है। इस साल अगस्त महीने में बारिश 36 प्रतिशत कम है। 122 साल पहले 1901 में भी यही स्थिति बनी है।
क्या है अल-नीनो जो मानसून के लिए नहीं बना संकट, भारत में फेल हुआ इसका प्रभाव
आईएमडी के अनुसार, सितंबर महीने में एक बार फिर मानसून सक्रिय होगा, लेकिन बहुत अच्छी बारिश होने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शुष्क हवा की गति और असमान बारिश के साथ अल नीनो का असर सितंबर महीने के लिए शुभ संकेत नहीं है। वैसे पूरे मानसून सीजन में बारिश की मात्रा सिर्फ 9 प्रतिशत ही कम है, लेकिन असमानता ने कई इलाकों में सूख की स्थिति पैदा कर दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात में 90 प्रतिशत कम बारिश हुई है तो केरल में 89, राजस्थान में 79, कर्नाटक में 74 और मध्य प्रदेश में 36 प्रतिशत कम बारिश हुई है। कृषि प्रधान राज्यों में शुमार उत्तर प्रदेश में 26 तो बिहार में 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जाहिर है कि इसका असर कृषि उत्पादन और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
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