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भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत, फाइटर जेट तेजस के लिए अमेरिका से आए 4 इंजन, GE एरोस्पेस ने दी जानकारी

भारत लंबे समय से लड़ाकू विमानों के निर्माण में घरेलू क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है. इसके तहत विमान के एयरफ्रेम, एवियोनिक्स, हथियार प्रणालियों और अन्य उपकरणों में स्वदेशी तकनीक की हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

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भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता के लिए अहम प्रोग्राम. (Photo: ANI)

भारत के स्वदेशी तेजस फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए अमेरिका से इंजन की आपूर्ति को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. GE एरोस्पेस ने बताया है कि कंपनी ने पिछले महीने सितंबर में F404-IN20 के चार इंजन भारत भेजे हैं. कंपनी ने कहा कि उसका पूरा ध्यान भारत के तेजस लड़ाकू विमानों के लिए जरूरी इंजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है. GE एरोस्पेस के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम में अपनी भूमिका को लेकर प्रतिबद्ध है. कंपनी ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारतीय वायुसेना के साथ अपनी साझेदारी पर भी भरोसा जताया है.

तेजस के लिए क्यों अहम है F404 इंजन?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि F404-IN20 इंजन तेजस के मौजूदा वेरिएंट के लिए एक जरूरी पावरप्लांट है. फाइटर प्लेन के निर्माण और डिलीवरी की गति में इंजन की उपलब्धता की अहम भूमिका होती है. ऐसे में सितंबर में चार इंजन की शिपमेंट को तेजस प्रोग्राम के लिए सप्लाई चेन से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट माना जा रहा है. जीई एरोस्पेस ने अपने बयान में कहा कि वह भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमानों को ताकत देने के लिए जरूरी इंजन उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है.

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भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता के लिए अहम प्रोग्राम

कंपनी के मुताबिक, उसका उद्देश्य HAL और भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर तेजस कार्यक्रम की जरूरतों को पूरा करना है. तेजस भारत के प्रमुख स्वदेशी लड़ाकू विमान प्रोग्राम में शामिल है. इसका निर्माण HAL करता है और विमान को भारतीय वायुसेना की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है. तेजस कार्यक्रम का उद्देश्य देश की घरेलू एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करना भी है.

यह भी पढ़ें: भारत को हर साल चाहिए 36-40 फाइटर जेट… एयरफोर्स चीफ एपी सिंह की चिंता की क्या है वजह?

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भारत लंबे समय से लड़ाकू विमानों के निर्माण में घरेलू क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है. इसके तहत विमान के एयरफ्रेम, एवियोनिक्स, हथियार प्रणालियों और अन्य उपकरणों में स्वदेशी तकनीक की हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, इंजन जैसे कुछ महत्वपूर्ण सिस्टम के लिए विदेशी कंपनियों के साथ सहयोग अभी भी अहम है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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