1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई थी, जिसमें होमगार्ड के रूप में महिलाओं ने पाकिस्तान को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। युद्ध के दौरान ज्योति कोठारी भी होमगार्ड के रूप में सेवा देने वालों में से एक थीं। देश में एक बार फिर से युद्ध के हालात बन रहे हैं, जिस पर ज्योति कोठारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में हमें ट्रेनिंग दी गई थी, एक बार फिर से महिलाओं को देश के लिए कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्थिति बहुत खराब हो गई है, जिसको देखते हुए हमें भी देश के लिए कुछ करना चाहिए। पढ़िए उन्होंने और क्या कुछ कहा।
महिलाओं ने निभाई खास भूमिका
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नर्सिंग करने वाली ज्योति कोठारी होमगार्ड में बटालियन में शामिल हो गई थीं। उन्होंने बताया कि ‘देश में जंग के हालात बने, तब हम लोगों को ट्रेनिंग दी गई थी, जिसमें दौड़ लगाना और बंदूक चलाना शामिल था।’ उन्होंने बताया कि ‘उस दौरान बहुत सी महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई थी। उस समय महिलाओं के लिए घर से बाहर कदम रखना भी कठिन था, लेकिन हम घर-घर जाकर जाते थे। हमें होमगार्ड की वर्दी पहनकर गर्व महसूस होता था।’
अभी दोनों देशों के बीच में जिस तरह के हालात हैं, उस पर उन्होंने कहा कि ‘मैं महिलाओं से देश के लिए आगे आने का आग्रह करती हूं, क्योंकि स्थिति खराब हो गई है, इस पर हमने पूरी टीम के साथ चर्चा की है। वह कहती हैं कि ‘अभी भी महिलाओं की जरूरत है, वह ट्रेनिंग में आएं, उनको पूरी जंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। देश की सेवा के लिए उनको तैयार होना है, क्योंकि वह समय अलग था, लेकिन अभी हालात दूसरे हैं।’
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया गया, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद से ही पाकिस्तान और भारत के बीच लगातार गोलीबारी हो रही है। दोनों देशों के बीच जंग के हालात बन गए हैं।