हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Tiger ShroffCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

म्यांमार के साथ जमीन की अदला-बदली करेगा भारत? मणिपुर के लोग क्यों नाराज, शुरू हुआ विरोध

भारत और म्यांमार के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए जमीन की अदला-बदली की चर्चा तेज हो गई है. इस खबर के बाद मणिपुर के नागरिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है.

विज्ञापन

भारत-म्यांमार सीमा विवाद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. सालों से लंबित इस सीमा विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए एक बड़ी कोशिश की जा रही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा है कि सीमा के कुछ अनसुलझे हिस्सों पर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है. खबरों के मुताबिक मणिपुर सीमा पर बॉर्डर पिलर 65 और 68 के बीच करीब 1.4 वर्ग मील जमीन की अदला-बदली के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है. यह इलाका मणिपुर के चंदेल जिले में पड़ता है जो म्यांमार की काबाव घाटी से सटा है. दोनों देशों के बीच करीब 1643 किलोमीटर लंबी सीमा है. इसमें से लगभग 171 किलोमीटर हिस्सा अभी तक पूरी तरह तय नहीं हो पाया है.

बाड़ लगाने की प्रक्रिया में तेजी

जमीन की अदला-बदली के इस संभावित प्रस्ताव का मुख्य मकसद सीमा को पूरी तरह से तय करना है. सीमा तय होने के बाद भारत सरकार वहां पक्की बाड़ लगा सकेगी. इससे अवैध घुसपैठ, उग्रवादियों की आवाजाही और सीमा पार होने वाले अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी. भारत सरकार ने पहले ही फ्री मूवमेंट रिजीम को खत्म कर दिया है. इसके तहत सीमा के पास रहने वाले लोग बिना वीजा के 16 किलोमीटर तक आ-जा सकते थे. भारत का मानना है कि म्यांमार के साथ कोई बड़ा विवाद नहीं है. केवल नौ सीमा स्तंभों से जुड़ा मामला है जिसे आपसी सहमति से सुलझाया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: ‘केंद्रीय मंत्रियों ने तोड़ा मेरा भरोसा’, सोनम वांगचुक ने बताई अनशन तोड़ने वाली रात की कहानी, क्यों हैं नाराज?

विज्ञापन

मणिपुर के नागरिक संगठनों ने दी कड़ी चेतावनी

जमीन की अदला-बदली की इन खबरों के सामने आते ही मणिपुर में विरोध प्रदर्शन के सुर तेज हो गए हैं. मैतेई नागरिक समाज संगठनों की संस्था COCOMI ने केंद्र सरकार को साफ चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि राज्य की जमीन का एक छोटा सा हिस्सा भी म्यांमार को नहीं दिया जाना चाहिए. संगठन ने कहा कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. अगर सरकार ऐसा कोई कदम उठाती है तो राज्य के लोग चुप नहीं बैठेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे. संगठन के अनुसार 1949 में भारतीय संघ में विलय के बाद से मणिपुर ने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा पहले ही खो दिया है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola