मंगलवार को भारत ने निलंबित सिंधु जल संधि पर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ के 'हम युद्ध करेंगे' वाले बयान की कड़ी आलोचना की. भारत ने कहा कि ये टिप्पणियां इस्लामाबाद की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की कोशिशें हैं. भारत का ये बयान आसिफ़ की उस धमकी के कुछ ही दिनों बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान की जल सुरक्षा खतरे में पड़ी तो वो भारत के खिलाफ़ युद्ध छेड़ देंगे. इससे पहले भारत ने कहा था कि सिंधु जल संधि को रोके रखने का उसका फ़ैसला बदला नहीं जाएगा.

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MEA ने क्या कहा?

मंगलवार को प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की टिप्पणियों के बारे में हमने इस मामले पर रिपोर्ट देखी हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी बातें पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की हताशा भरी कोशिशें हैं, भारत इन मनगढ़ंत दावों को पूरी सख्ती के साथ खारिज करता है. जयसवाल ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) के मौजूदा हालात का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये पाकिस्तान की उस दशकों पुरानी नीति का सीधा नतीजा है, जिसके तहत वो अपने अवैध और ज़बरदस्ती किए गए कब्ज़े वाले इलाकों में लोगों का आर्थिक शोषण करता है, उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित रखता है और प्रशासनिक दमन करता है.

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MEA ने की पाकिस्तान की निंदा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने आम नागरिकों के साथ निंदनीय व्यवहार किया है और बहुत ज़्यादा क्रूरता दिखाई है, इसमें ज़रूरी सामान और दवाओं की सप्लाई रोकना, इंटरनेट बंद करना और निहत्थे नागरिकों के ख़िलाफ़ जानलेवा बल का इस्तेमाल करना शामिल है. जयसवाल ने आगे कहा कि जैसा कि सब जानते हैं, इसके कारण कई लोगों की जान चली गई है. उन्होंने आगे कहा कि भारत को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कामों, गलत हरकतों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए ज़िम्मेदार ठहराएगा.

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ख्वाजा आसिफ़ ने क्या कहा?

ख्वाजा आसिफ़ ने पाकिस्तान में जारी पानी के संकट और अंदरूनी अस्थिरता के बीच भारत के ख़िलाफ़ बयान दिया. भारत के सिंधु जल समझौते को रोके रखने के फ़ैसले के बाद, आसिफ़ ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस पल पाकिस्तान को लगेगा कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और पानी खतरे में है, वो भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ देगा. उन्होंने दावा किया कि अगर इस्लामाबाद को इस बात के सबूत मिलते हैं कि भारत उसकी पानी की सप्लाई में रुकावट डालने के लिए बहुत तेज़ी से काम कर रहा है, तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई पर भी विचार करेगा. हालांकि जानकारों का मानना ​​है कि पाकिस्तान में पानी का संकट बहुत ज़्यादा बुरे मैनेजमेंट की वजह से है. फिर भी आसिफ ने नई दिल्ली पर पानी को हथियार बनाने, चिनाब नदी के बहाव में हेर-फेर करने और डेटा न देने का आरोप लगाया. दरअसल, भारत ने पिछले साल मई में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस घातक आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के ख़िलाफ़ उठाए गए पांच बड़े कदमों के तहत सिंधु जल समझौते को रोक दिया था, उस हमले में 26 लोग मारे गए थे.

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