हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Video: इंडियन आर्मी के कॉम्बैट डॉग का पहली बार हैरतअंगेज स्टंट, प्लेन से हैंडलर और पैराट्रूपर के साथ किया जंप

Military Dog: इंडियन आर्मी के कॉम्बैट डॉग काफी मददगार साबित होते हैं, खासकर मुश्किल ऑपरेशन के दौरान वो दुश्मन और उनके सुराग का पता लगाने में अहम रोल अदा करते हैं. अब इस मिलिट्री डॉग का एक हैरतअंगेज स्टंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा है.

विज्ञापन
आर्मी डॉग कै जबरदस्त स्टंट (Photo-X/@suryacommand)

Indian Army Combat Dog’s Sky Diving: एक अहम एयरबोर्न ट्रेनिंग एक्सरसाइज में इंडियन आर्मी के एक कॉम्बैट डॉग ने अपने हैंडलर और एक पैराट्रूपर के साथ मिलकर टैंडम पैराशूट जंप में हिस्सा लिया. ये एक्सरसाइज सेंट्रल इंडिया में बेहात ड्रॉप जोन में की गई और इससे सेना की मिलिट्री डॉग्स के ऑपरेशनल यूज को बढ़ाने की कोशिशों का पता चलता है.

एयरबोर्न एक्सरसाइज में डॉग शामिल

भारतीय सेना की सूर्या कमांड ने ‘एक्स’ पर इस एक्सरसाइज की जानकारी शेयर की. उन्होंने इसे डॉग हैंडलर और मिलिट्री डॉग के साथ किए गए शुरुआती टैंडम पैराशूट जंप में से एक बताया. नीचे उतरते समय पैराट्रूपर, डॉग हैंडलर और कॉम्बैट डॉग ने पूरा कॉम्बैट लोड ले रखा था. सेना ने कहा कि इस एक्सरसाइज से सैनिकों और उनके डॉग के बीच जरूरी तालमेल, भरोसे और टीमवर्क का पता चला.

यह भी पढ़ें- टायसन जिंदा है..वो आर्मी डॉग जिसने गोली खाकर भी बताया आतंकियों का ठिकाना, अब मिला वीरता सम्मान

विज्ञापन

ये जंप कॉम्बैट डॉग के साथ पहले की गई फ्री-फॉल ट्रेनिंग पर बेस्ड है. ऐसी एक्सरसाइज से ट्रेंड डॉग्स को उन मिशन के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है, जहां सैनिकों को एयरबोर्न ऑपरेशन के जरिए मुश्किल या दुश्मन वाले इलाकों में जाना पड़ता है.

मिलिट्री डॉग्स का रोल

मिलिट्री डॉग्स लंबे समय से भारतीय सुरक्षा बलों की मदद कर रहे हैं, जैसे कि आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन, तलाशी और ट्रैकिंग में. उनकी सूंघने की जबरदस्त क्षमता उन्हें विस्फोटक, हथियार और लोगों का पता लगाने में मदद करती है, साथ ही वे सैनिकों को इमारतों और संदिग्ध ठिकानों की तलाशी लेने में भी मदद करते हैं.

विज्ञापन

सेना के कॉम्बैट डॉग्स ने जम्मू-कश्मीर में भी ऑपरेशन में हिस्सा लिया है. फरवरी में, 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज के असॉल्ट डॉग टायसन को किश्तवाड़ में आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन के दौरान चोट लग गई थी, लेकिन वो संदिग्ध ठिकाने की तरफ आगे बढ़ता रहा. बाद में उसे ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ से सम्मानित किया गया. जूम, फैंटम और एक्सल जैसे अन्य मिलिट्री डॉग्स भी आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल रहे हैं.

एयरबोर्न क्षमताओं का विस्तार

नई एक्सरसाइज में 2 खास क्षमताओं, पैराट्रूपर्स और मिलिट्री डॉग्स को मिलाया गया है. एयरबोर्न सैनिकों के साथ जाने वाला ट्रेंड डॉग मुश्किल इलाकों में उतरने के बाद चीजों का पता लगाने और ट्रैकिंग में मदद कर सकता है. दूसरे देशों की सेनाओं ने भी एयरबोर्न और स्पेशल ऑपरेशन के लिए डॉग्स को ट्रेन किया है. ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पैराशूट से तैनाती के लिए भी डॉग्स को ट्रेन किया गया था. इसलिए इंडियन आर्मी की ये लेटेस्ट एक्सरसाइज ये पता लगाने की दिशा में एक और कदम है कि कैसे कॉम्बैट डॉग्स कंवेंशनल ग्राउंड मिशन से हटकर सैनिकों की मदद कर सकते हैं.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola