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सावधान! 56 पहुंचा तापमान; दिल्ली के बाद नागपुर के टेंपरेचर पर IMD के अलर्ट बढ़ा रहे टेंशन

Highest Temperature Records In Nagpur: दिल्ली का तापमान 52 डिग्री पहुंच गया था, अब नागपुर में मौसम विभाग ने 56 डिग्री तापमान दर्ज किया है। ऐसा अपडेट सामने आया है, जो पहले से ही भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों की टेंशन बढ़ाने के लिए काफी है।

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IMD Records Nagpur Temperature 56: दिल्ली का तापमान 52.9 पहुंचने के बाद अब नागपुर का पारा 56 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी और बताया कि नागपुर में 2 मौसम केंद्रों में असामान्य रूप से उच्च तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। ऐसे में दिल्ली में हाल ही में रिकॉर्ड तोड़ 52.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के बाद मौसम विभाग के नागपुर के तापमान को लेकर दिए जा रहे अलर्ट भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों की टेंशन बढ़ा सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर में उत्तरी अंबाझरी रोड से दूर रामदासपेठ में तापमान 56 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। सोनेगांव में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के साथ AWS में भी तापमान 54 डिग्री दर्ज किया गया। वर्धा रोड के पास खापरी में केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान (CSIR) के क्षेत्र में AWS का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। रामटेक AWS ने 44 डिग्री सेल्सियस दिखाया। ऐसे में समुद्र तटीय महाराष्ट्र और मुंबई वासियों के लिए टेंशन की बात हो सकती है।

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दिल्ली के रिकॉर्ड तापमान की जांच जारी

बता दें कि गत बुधवार को उत्तर-पश्चिम दिल्ली में मुंगेश्वर AWS द्वारा इलाके का अधिकतम तापमान 52.9 दर्ज किया गया था। तापमान मुंगेशपुर गांव में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में मापा गया था, जो एक स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) के रूप में भी कार्य करता है। दिल्ली स्टेशन ने ऐतिहासिक 52.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज करने के बाद पूरे देश में हलचल मचा दी थी।

हालांकि राजधानी का तापमान इतना पहुंचने के बाद उठे सवालों को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मुंगेश्वर AWS के डेटा की जांच शुरू कर दी है। इस बीच नागपुर के रामदासपेठ के AWS में रिकॉर्ड हुए तापमान ने टेंशन बढ़ा दी। क्षेत्रीय मौसम अधिकारियों का कहना है कि AWS का डेट स्टीक नहीं माना जा सकता, क्योंकि सेंसर 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में खराब होने लगते हैं।

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AWS सेंसर का डेटा विश्वसनीय नहीं

अधिकारियों का कहना हैकि AWS सेंसर में खराबी है। इसलिए इतना ज्यादा तापमान रिकॉर्ड हो रहा है, जिसे विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। 38-40 डिग्री से नीचे के तापमान के लिए यह ठीक काम करते हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसे सकारात्मक पूर्वाग्रह कहा जाता है। पीडीकेवी AWS के एक तरफ महाराबाग चिड़ियाघर और दूसरी तरफ वनमती है। खुले मैदान में तापमान ज्यादा होता है।

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AWS के सेंसर पूरी तरह से बिना किसी हरियाली के चिलचिलाती धूप में लगे हैं। AWS के सेंसर यूरोपीय देशों से आयात किए जाते हैं, जहां तापमान भारतीय शहरों जितना अधिक नहीं बढ़ता है। दैनिक मौसम अपडेट वैज्ञानिकों द्वारा मैन्युअल रूप से तैयार किया जाता है। मैनुअल डेटा को अधिक विश्वसनीय माना जाता है। दैनिक तापमान रिकॉर्ड करने के लिए पारा वाले थर्मामीटर का उपयोग किया जाता है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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