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आ गया रेलवे का नया नियम! जहां से टिकट लिया, वहां से नहीं चढ़े तो पड़ जाएगा भारी

रेलवे के नए नियमों के तहत अब टीटीई अगले स्टेशन तक यात्री का इंतजार नहीं करेंगे. बोर्डिंग स्टेशन पर न पहुंचने पर सीट तुरंत वेटिंग लिस्ट वाले दूसरे यात्री को आवंटित कर दी जाएगी.

भारतीय रेलवे अपने बोर्डिंग नियमों में एक ऐसा बदलाव करने जा रही है जिसका असर करोड़ों यात्रियों पर पड़ेगा. नए नियमों के मुताबिक अगर आप अपने तय बोर्डिंग स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने नहीं पहुंचते हैं तो टीटीई अब अगले स्टेशन तक आपका इंतजार नहीं करेंगे. जैसे ही ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन से रवाना होगी और आप अपनी सीट पर नहीं मिलेंगे तो टीटीई तुरंत अपने हैंडहेल्ड डिवाइस (ईएफटी) पर 'नॉट टर्नअप' की एंट्री कर देंगे. इसका मतलब यह है कि आपकी सीट को खाली मान लिया जाएगा और वह तुरंत किसी दूसरे जरूरतमंद यात्री को दे दी जाएगी.

वेटिंग और आरएसी वालों की खुलेगी किस्मत

इस नई तकनीक और सॉफ्टवेयर में बदलाव से उन यात्रियों को बहुत फायदा होगा जो वेटिंग या आरएसी टिकट पर सफर कर रहे हैं. जैसे ही टीटीई सीट खाली होने की सूचना सॉफ्टवेयर में दर्ज करेंगे सिस्टम अपने आप अगले वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को वह बर्थ अलॉट कर देगा. सीट आवंटित होते ही संबंधित यात्री के मोबाइल पर एक मैसेज चला जाएगा जिससे उसे पता चल जाएगा कि उसकी सीट कन्फर्म हो गई है. रेल मंत्रालय ने इस बदलाव के लिए रेल सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) को निर्देश दे दिए हैं जिससे ट्रेनों में खाली रहने वाली सीटों का बेहतर मैनेजमेंट हो सकेगा.

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बोर्डिंग बदलने का रखें ध्यान

आंकड़ों की मानें तो लगभग हर ट्रेन में कुल सीटों के तीन से पांच फीसदी यात्री ऐसे होते हैं जो या तो यात्रा रद्द कर देते हैं या फिर समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाते. रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को अब पहले से ज्यादा सावधान रहना होगा. अगर आप किसी कारण से अपने तय स्टेशन के बजाय अगले स्टेशन से चढ़ना चाहते हैं तो आपको चार्ट बनने से 24 घंटे पहले ही अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल लेना चाहिए. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपकी सीट किसी और को मिल जाएगी और आप टीटीई से अपनी सीट वापस पाने का दावा भी नहीं कर पाएंगे.

डिजिटलीकरण की ओर रेलवे का बड़ा कदम

रेलवे के इस कदम को आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है. पूर्वोत्तर रेलवे के जानकारों के मुताबिक इस तकनीक से रेलवे में भ्रष्टाचार कम होगा और सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी. पहले टीटीई अक्सर अगले स्टेशन तक इंतजार करते थे जिससे वेटिंग वाले यात्रियों को सीट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. अब सब कुछ रियल टाइम में अपडेट होगा जिससे यात्रियों को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकेंगी. यह बदलाव भारतीय रेलवे को और भी हाईटेक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.


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