अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दावा किया है कि उन्हें अतीक अहमद की तरह मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने साथ रहने वाले लोगों ने उन्हें यह बताया था। धमकी में उन्हें यह भी कहा गया कि पुलिस भी तुम्हें नहीं बचा पाएगी, जैसे अतीक अहमद को नहीं बचा पाई। इस पर उन्होंने राज्य की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा की अगर उन्हें कुछ होता है तो जिम्मेदार राज्य सरकार होगी। लेकिन वे अपने अभियान से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होने कहा कि मेरे गौसेवा के अभियानों से नाराज लोग ही धमकी दे रहे हैं। शंकराचार्य के मुताबिक धमकी देने वाले वही लोग हैं जो गौ सेवा और राष्ट्रीय हित के उनके अभियान से असहमत हैं। यह एक जांच का विषय है कि ये लोग कौन हैं? उन्होंने इशारा किया कि यह किसी बड़ी “संस्था या विचारधारा” से जुड़े लोग हो सकते हैं।

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'केवल धर्म और यमराज से डरता हूं'

मैं बहुत डरपोक हूं, लेकिन डरता हूं तो सिर्फ धर्म और यमराज से, सत्ता से नहीं डरता, क्योंकि सबसे बड़ी सत्ता भगवान की है। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुसंख्यक समाज की भावनाओं की अनदेखी हो रही है। ऐसी सरकार ज्यादा समय तक नहीं चल सकती।उत्तर प्रदेश में तो समर्थकों पर एफआईआर और धमकियां देकर आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। फुक्किंग लोग उनके साथ ना जुड़ सके और उनकी आवाज नक्कारखाने में तूती के बराबर साबित हो जाए।

गौ-रक्षा पर सख्त रुख

शंकराचार्य ने कहा कि गौ-हत्या डॉलर कमाने की राजनीति का हिस्सा बन गई है। जो लोग गौ-रक्षा का विरोध करते हैं, वे ही ऐसी धमकियों के पीछे हो सकते हैं। गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग लंबे समय से चली आ रही है।

गंगा और गौ-रक्षा अभियान पर भी बोले

गंगा सफाई को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकारों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि आज गंगा की हालत पहले से भी खराब है। मिनी गंगा का अभियान उसे वक्त शुरू किया था जब यह सरकार नहीं थी उसे वक्त जो सरकार थी। उसे हम लोगों की भावनाओं के आगे झुकना पड़ा लेकिन यह सरकार आते ही गंगा नदी की स्थिति और खराब होने लगी है गंगा नदी पर छोटे-छोटे बैराज बनाना शुरू हो गया है क्योंकि यह लोग समझते हैं कि "कमल" नदी में नहीं खिलता।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गौ-रक्षा के मुद्दे पर 70 से ज्यादा सालों से मांगें पूरी नहीं हुईं हैं। कहा कि धर्मयुद्ध की तरह लड़ाई जारी रहेगी। मैं नहीं झुकूंगा। जब तक भगवान ने आवाज दी है, बोलता रहूंगा। अगर कुछ होता है तो यह राज्य का विषय होगा।

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