कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने का विवाद कोर्ट में चल रहा है। इस पर सोनिया गांधी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल रिवीजन पिटीशन पर जवाब दाखिल किया है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख दी है।
बता दें सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी लेकिन इससे पहले उनका नाम वोटर लिस्ट में था। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि 1980 की वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम था जबकि उस समय सोनिया गांधी के पास भारत की नागरिकता नहीं थी।
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याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया था कि किस आधार पर सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था। साथ ही याचिका में यह बताया गया है कि साल 1983 में वोटर लिस्ट से सोनिया गांधी का नाम हटा दिया गया था। याचिका में पूछा गया कि अगर नाम सही तरीके से जोड़ा गया तो फिर हटाने की जरुरत क्यों पड़ी।
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दरअसल, रिवीजन पिटीशन मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल की गई है। इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गत सितंबर में सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज और जांच कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
इसके अलावा याचिका में ये भी गंभीर आरोप लगे थे कि सोनिया गांधी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत की नागरिकता ली थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने याचिका खारिज की थी। बाद में इस फैसले को रिवीजन पिटीशन के जरिए चुनौती दी गई है। सोनिया गांधी ने मामले में लिखित जवाब दे दिया है। अब राउज एवेन्यू कोर्ट 21 फरवरी को मामले में सुनवाई करेगा।
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