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पत्नी के खिलाफ 80 मामले, पति को मिला 5 करोड़ देने का फरमान… 10 साल चले तलाक को कैसे किया गया सेटल

Mahabharata Like Battle: साल 2016 में अलग हुए पति-पत्नी का साल 2026 में जाकर तलाक फाइनल हुआ है. इस मामले को हद पार करने वाला मामला कहा गया है क्योंकि पिछले 10 साल में जो कुछ हुआ उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है.

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कोर्ट ने किस तरह किया महाभारत जैसे मामले को सेटल, जानिए यहां.

Divorce Case: तलाक के मामले अक्सर ही लंबे खिंचते हैं लेकिन यहां जिस मामले का जिक्र किया जा रहा है वो ना सिर्फ लंबा खिंचा बल्कि शादी की महाभारत जैसा हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी स्पेशल पावर का इस्तेमाल करते हुए इस कपल का तलाक सेटल किया है. कोर्ट ने कहा कि यह शादी हर प्रैक्टिकल कारण से खत्म हो चुकी है और इस हद पार कर चुके मामले को खत्म करने के लिए तलाक को फाइनल करना ही सही समझा. इस दंपति ने साल 2010 में शादी की थी जिसके बाद इनके 2 बेटे हुए. दोनों का रिश्ता साल दर साल बिगड़ता गया और दोनों ने आखिर 2016 में अलग होने का फैसला लिया. लेकिन, आगे जो हुआ उसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी.

पति ने दर्ज कराए 80 मामले

पत्नी के वकील ने कोर्ट में बताया कि पति प्रैक्टिसिंग एडवोकेट यानी वकील है और अपनी वकालत का गलत फायदा उठाते हुए उसने पत्नी, उसके परिवार और वकील के खिलाफ 80 से ज्यादा कानूनी कार्यवाही के मामले दर्ज कराएं हैं. वहीं, पति पर यह इल्जाम लगाया गया कि उसने ना फैमिली कोर्ट का आदेश माना और ना ही पत्नी को मेंटेनेन्स देने का हाई कोर्ट का आदेश माना. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने अपने ओर्डर में कहा कि पति कई कंपनियो में डायरेक्टर के पद पर है लेकिन अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों से बचने के लिए उसने इन पदों पर होने से इंकार कर दिया है.

पत्नी मुंबई के लोखंडवाला में 3BHK फ्लैट में रह रही थी जोकि उसके ससुर का फ्लैट है. अपना खर्च चलाने के लिए पत्नी ने कोलकाता में काम करना शुरू कर दिया था लेकिन अब अपने बेटों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए वापस मुंबई शिप्ट हो रही है.

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पति ने कहा पत्नी की वजह से झेलनी पड़ी प्रताड़ना

पति ने कोर्ट में आकर बताया कि उसके खिलाफ पत्नी ने आपराधिक मामले दर्ज किए थे जिसमें घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005 और भारतीय दंड संहिता की धारा 49A शामिल हैं. पति ने बताया कि इन दोनों मामलों के कारण उसे कुछ दिन जेल में भी बिताने पड़े जोकि इसके लिए ट्रॉमेटिक अनुभव रहे, उसे मानसिक कष्ट से गुजरना पड़ा और उसकी प्रोफेशनल रेप्यूटेशन खराब हुई सो अलग. पति ने यह भी शिकायत की कि उसकी पत्नी ने उसे अपने बच्चों से बहुत ही सिस्टमेटिक तरीके से अलग कर दिया है. पति ने दावा किया कि उसकी पत्नी पढ़ी-लिखी है और खुद का खर्च मैनेज कर सकती है फिर भी उसने मेंटेनेंस के लिए खुद को निराश्रित के रूप में पेश किया है. पति ने बताया कि वह अबतक पत्नी को 45 लाख रुपए दे चुका है.

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कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया

पति को लगभग फटकारते हुए कोर्ट ने बताया कि पति ने जो शिकायतें दर्ज करवाई हैं उसके कारण कोर्ट की कार्यवाही में बाधा आई और ये शिकायतें प्रतिशोधात्मक और कष्टप्रद प्रतीत होती हैं. कोर्ट ने कहा कि वह समझ सकता है कि क्यों पत्नी को अपने पति के साथ शादीशुदा जीवन बिताने में कठिनाई हुई होगी. कोर्ट ने कहा कि भले ही पत्नी पढ़ी-लिखी और पेशेवर रूप से योग्य हो, लेकिन यह प्रतिवादी पति का अपनी पत्नी, और बच्चों की देखभाल के लिए वैवाहिक, पैतृक, नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी से मुक्त होने का कारण नहीं हो सकता है.

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कोर्ट ने आदेश दिया कि शादी को खंडित किया जाता है और पत्नी, उसके परिवार या वकीलों के खिलाफ जितने भी मामले, याचिकाएं, FIR या शिकायतें कोर्ट में पेंडिंग है उन्हें बंद किया जाता है.

पत्नी को मिली बच्चों की कस्टडी

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कोर्ट ने पत्नी को दोनों बेटों की कस्टडी दी है लेकिन पति को बच्चों से मिलने का अधिकार भी दिया है. कोर्ट ने पति को आदेश दिया है कि वह अगले एक साल के भीतर अपनी पत्नी को 5 करोड़ की राशि का भुगतान करेगा. पत्नी को कहा गया है कि अगर उसे 5 करोड़ की राशि चाहिए तो उसे अपने ससुर के नाम पर जो फ्लैट है उसे अगले 2 हफ्तों में खाली करना होगा. पति को यह भी कहा गया है कि वह अब पत्नी या उसके परिवार और वकीलों के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं करेगा.

यह भी पढ़ें – अचानक आने वाले हार्ट अटैक से बचना है तो जान लीजिए डॉक्टर की सलाह, ऐसा रूटीन होगा तो सेहत अच्छी रहेगी

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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