केंद्र सरकार और पूर्वोत्तर के राज्य असम में एक ऐतहासिक समझौता हुआ है। दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में केंद्र सरकार और उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (ULFA) के बीच एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि असम ने लंबे समय से हिंसा झेली है। पूरे नॉर्थ ईस्ट ने हिंसा को झेला है। जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तब से दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट के बीच की दूरी कम करने के प्रयास हुए। खुले हृदय से सभी के साथ बातचीत की शुरुआत हुई।
गृहमंत्री ने कहा कि, पिछले 5 वर्षों में 9 शांति और सीम संबंधी समझौते अलग-अलग राज्यों के पूरी नॉर्थ ईस्ट में हुए। इसके कारण नॉर्थ ईस्ट के एक बड़े हिस्से में शांति की स्थापना हुई। रिकॉर्ड पर 9 हजार से ज्यादा काडर ने सरेंडर किया है। 85 प्रतिशत असम में से अफस्पा को हटाया जा रहा है। आज भारत सरकार, असम सरकार और यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के बीच जो ट्राई पार्टी समझौता हुआ है, उससे हमें सभी हथियारी ग्रुप को समाप्त करने में हमें सफलता मिली है।
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बहुत आनंद का विषय-अमित शाह
अमित शाह ने आगे कहा कि यह असम और नॉर्थ ईस्ट की शांति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज इस एमओयू के माध्यम से उल्फा के प्रतिनिधियों ने सभी हथियार और गोला बारूद के आत्म समर्पण करने के लिए, सशस्त्र संगठन को भंग करने के लिए, कैडरों के कब्जे वाले सभी शिविर को जल्द से जल्द खाली करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने की सबने सहमति दी है। यह मेरे लिए बहुत आनंद का विषय है।
लाया जाएगा अमल में-अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि इस लंबे समय के संघर्ष में उल्फा के करीब 10 हजार लोग मारे गए। आज इस समस्या का संपूर्ण समाधान हो रहा है। भारत सरकार द्वारा बहुत बड़े अमाउंट का पैकेज और इसके साथ साथ असम के विकास के ढेर सारे प्रोजेक्ट्स को भी हमने स्वीकृति दी है। समझौते की एक एक बात पर अमल किया जाएगा और नरेंद्र मोदी सरकार आपके विश्वास पर खरी उतरेगी।
गृहमंत्री ने आगे कहा कि मोदी जी की सरकार बनने के बाद असम में घटनाओं में 87 प्रतिशत की कमी हुई, मृत्यु में 90 प्रतिशत की कमी हुई है और अपहरण में 84 प्रतिशत की कमी हुई है। अकेले असम में अबतक 7500 कैडर ने सरेंडर किया है। इसमें आज 700 की संख्या बढ़ जाएगी।
शांति के लिए महत्वपूर्ण-अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ही उग्रवाद, हिंसा और विवाद मुक्त उत्तर-पूर्व भारत की कल्पना लेकर गृह मंत्रालय चलता रहा है। भारत सरकार, असम सरकार और ULFA के बीच जो समझौता हुआ है, इससे असम के सभी हथियारी गुटों की बात को यहीं समाप्त करने में हमें सफलता मिल गई है। ये असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों की शांति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
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