मई के महीने में दो दिन गर्मी पड़ रही है तो फिर दो दिन बारिश आकर मौसम को खुशनुमा बना देती है. अप्रैल के महीने में भी कुछ-कुछ ऐसा ही देखने को मिला था. लेकिन अगर आपको लग रहा था कि मई की शुरुआती बारिश ने गर्मी से राहत दे दी है, तो सावधान हो जाइए. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एक बेहद शक्तिशाली 'एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम' बन रहा है. यह सिस्टम देश के कई राज्यों को एक 'हीट डोम' में तब्दील कर देगा, जिससे तापमान में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी होने की आशंका है.
कब और कहां दिखेगा सबसे ज्यादा असर?
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, यह मौसमी तंत्र 10 मई से 13 मई के बीच अपने चरम पर होगा. सबसे ज्यादा प्रभाव राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिखेगा. इस दौरान इन राज्यों के कई शहरों में पारा 45 डिग्री से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच जा सकता है. अहमदाबाद, जयपुर और आंतरिक महाराष्ट्र के शहरों में दोपहर के वक्त झुलसाने वाली लू चल सकती है.
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क्या होता है 'हीट डोम'?
आसान भाषा में समझें तो 'हीट डोम' वायुमंडल में एक विशाल 'प्रेशर कुकर के ढक्कन' की तरह काम करता है. जब एक मजबूत हाई-प्रेशर सिस्टम (एंटी-साइक्लोन) बनता है, तो ऊपर की हवा तेजी से नीचे जमीन की ओर गिरती है. नीचे गिरती यह हवा जमीन के पास मौजूद गर्म हवा को बाहर नहीं निकलने देती और उसे एक सीमित दायरे में कैद कर लेती है. साफ आसमान होने की वजह से सूरज जमीन को लगातार गर्म करता रहता है और यह गर्मी बाहर न निकल पाने के कारण बार-बार री-साइकिल होकर और भी भीषण हो जाती है.
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बारिश की उम्मीद खत्म, बढ़ेगी तपिश
इस एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और बादल बनने की प्रक्रिया पूरी तरह रुक जाएगी. इसका मतलब है कि अगले एक हफ्ते तक इन इलाकों में बारिश की कोई संभावना नहीं है. रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे लोगों को रात में भी चैन नहीं मिलेगा.
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मौसम एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी तेज गर्मी भारत के प्री-मॉनसून सीजन में सामान्य है. मई महीने में रेगुलर तौर पर टेम्परेचर में उतार-चढ़ाव देखा जाता है.