Form-6 Annexure D For New Voters: चुनाव आयोग ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ एक्सरसाइज पूरी कर चुके राज्यों में नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 के साथ जुड़े एडिशनल डिक्लेरेशन को ECINET पोर्टल से हटा दिया है. ये बदलाव आयोग के 26 सितंबर 2026 के क्लेरिफिकेशन के बाद किया गया है. यानी नए वोटर्स के लिए प्रकिया आसान हो गई है.
क्या है पूरा मामला?
नई वोटर आईडी बनवाने या पहली बार वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म 6 भरा जाता है. हाल में इस फॉर्म को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब चुनाव आयोग के ECINET पोर्टल पर इसके साथ SIR से जुड़ा एक अएडिशनल डिक्लेरेशन (Annexure-D) दिखाई देने लगा. अब आयोग ने उन राज्यों में ये एक्सट्रा हिस्सा हटा दिया है, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
यह भी पढ़ें- CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तो कौन देखेगा चुनाव आयोग का काम, मुख्य चुनाव आयुक्त कैसे देते हैं त्यागपत्र?
26 सितंबर को आयोग ने क्या क्लियर किया था?
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 को कहा था कि SIR के बीच का पीरियड यानी नॉन एसआईआर पीरियड में वोटर्स रजिस्ट्रेशन के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित सामान्य फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके बाद SIR पूरी कर चुके राज्यों में ECINET पर फॉर्म 6 को उसी सिस्टम के तहत अपडेट किया गया है.
फॉर्म 6 किसके लिए होता है?
फॉर्म 6 नए वोटर्स के रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. अगर कोई भारतीय नागरिक पहली बार वोटर के तौर पर अपना नाम दर्ज कराना चाहता है, तो उसे ये फॉर्म भरना होता है. इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से भरा जा सकता है. इसके लिए आपको कुछ दस्तावेज जमा कराने होते हैं.
SIR से जुड़े एडिशनल डिक्लेरेशन में क्या था?
SIR के दौरान फॉर्म 6 के साथ एक अलग डिक्लेरेशन जोड़ा गया था. इसमें आवेदक को पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी देनी होती थी. इस में एप्लिकेंट से कुछ अहम जानकारी मांगी जाती थी, जैसे-
- क्या उसका नाम पिछली SIR के दौरान फाइनल वोटर लिस्ट में मौजूद था?
- अगर उसका नाम नहीं था, तो क्या उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में दर्ज था?
- अगर इनमें से किसी का नाम नहीं था, तो एप्लिकेंट को तीसरा ऑप्शन चुनना होता था.
यह भी पढ़ें- क्या दोनों चुनाव आयुक्तों को पद से हटा सकते हैं CEC ज्ञानेश कुमार? जानें क्या हैं नियम, प्रक्रिया और अधिकार
क्यों हुआ विवाद?
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक 2 चुनाव आयुक्तों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी. उनका तर्क था कि फॉर्म 6 निर्वाचन पंजीकरण नियमों के तहत निर्धारित एक वैधानिक फॉर्म है. ऐसे में उसमें एडिशनल डिक्लेरेशन जोड़ने के लिए सिर्फ प्रशासनिक आदेश या दिशानिर्देश काफी नहीं हो सकते और इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा. रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि ऑनलाइन फॉर्म में अतिरिक्त हिस्सा ‘Non-Mandatory’ के तौर पर दिखने के बावजूद उसे भरे बिना आवेदन आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही थी.
संबंधित खबरें
मुंबई में हिरासत और फिर रिहाई; अभिजीत दीपके ने शेयर किया अपडेट, प्रदर्शन से पहले दिखाया विक्ट्री साइन
1 hr agoSIR विवाद के बीच ज्ञानेश कुमार की बढ़ीं मुश्किलें, फिर खुली 20 साल पुरानी विजिलेंस फाइल
2 hrs ago'लोकतंत्र को कर रहे हैं बर्बाद', ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी का बड़ा बयान, 15000 वोटर्स के नाम हटाने का आरोप
4 hrs agoअब कैसी है कैप्टन स्मित मच्छार की तबीयत? UAE की इंडियन एंबेसी ने दिया हेल्थ अपडेट
5 hrs agoस्मिथ मच्छार की बहादुरी ने दिलाई इंडियन नैनी की याद, 9/11 हमले में बचाई थी 2 साल के इजरायली बच्चे की जान
7 hrs agoCEC ज्ञानेश कुमार और SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी ने मांगी VRS, बोले-निजी फैसला
9 hrs agoपेंडिंग हैं चालान तो न बनेगा PUC और न रिन्यू होगा ड्राइविंग लाइसेंस, सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश; ब्लैकलिस्ट होंगी गाड़ियां
11 hrs agoबचपन में कैसे थे कैप्टन स्मित मच्छार, दोस्त ने याद किए पुराने दिन; पड़ोसियों ने बताए परिवार के हाल
12 hrs ago'आसमान में आपको कौन बचाएगा?', Flydubai के पायलट स्मित मच्छार का पुराना VIDEO हो रहा वायरल
12 hrs agoफॉर्म-6 में चेंज का आदेश किसने दिया? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से पूछा सवाल
13 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines