नीट पेपर लीक को लेकर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के आंदोलन को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा. नीट पेपर लीक मामले पर विरोध प्रदर्शन उग्र होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर ऐलान किया कि इस केस में दोषियों को जल्द कठोर सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा. पीएम मोदी के इस ऐलान के बाद सरकार ने भी तत्काल एक्शन लिया और 4 राज्यों मे फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश जारी किया गया है.

NEET पेपर लीक मामले की होगी सुनवाई


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब NEET पेपर लीक से जुड़े आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा. केंद्र सरकार जल्द ही संबंधित राज्य सरकारों और संबंधित हाई कोर्ट से स्पेशल कोर्ट के गठन का अनुरोध करेगी. इन अदालतों में NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की नियमित और प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी. कोर्ट में फैसले जल्द सुनाए जाएंगे ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके.

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क्या है सार्वजनिक परीक्षा कानून 2024?


गौरतलब है कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून में पेपर लीक, संगठित नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग और अवैध तरीकों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है. दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान भी किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. यह कानून सिर्फ नीट से जुड़े मामलों के लिए नहीं है, बल्कि अन्य सरकारी परीक्षाओं को भी इसके दायरे में रखा गया है.

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सूत्रों के मुताबिक, NEET पेपर लीक मामले में इस कानून के तहत अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं.

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