पश्चिम बंगाल में आगामी विधान सभा चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की टीम के साथ दो दिनों के पश्चिम बंगाल के दौरे पर आज राजनीतिक दलों के साथ आगामी विधान सभा चुनाव की तैयारी पर बैठक की। बैठक में आगामी चुनावों की तैयारियों, मतदाता सूची और चुनावी माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में शामिल होने वाले दलों में राष्ट्रीय स्तर पर आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी शामिल थे। वहीं राज्य स्तरीय दलों में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग को आश्वस्त किया कि पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव हिंसा-मुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से कराने में वे पूरा सहयोग देंगे।
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राजनीतिक दलों ने राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण अभ्यास है। कई दलों ने इस प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर विश्वास व्यक्त किया।
हालांकि दलों ने आयोग से यह भी आग्रह किया कि चुनाव के दौरान असामाजिक तत्वों की आक्रामक गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और मतदाताओं को किसी तरह की धमकी या डराने-धमकाने से बचाया जाए। उन्होंने आयोग से यह सुनिश्चित करने को कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं।
कुछ दलों ने चुनाव के दौरान संभावित हिंसा को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कच्चे बम, अवैध हथियार, पैसे और बाहुबल के इस्तेमाल की आशंका रहती है। इस पर रोक लगाने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती और हर मतदाता को सुरक्षा देने की मांग की गई। राजनीतिक दलों ने यह सुझाव भी दिया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव एक या दो चरणों में कराए जाएं ताकि बेहतर तरीके से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बैठक में राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया कि भारत में चुनाव पूरी तरह कानून के अनुसार कराए जाते हैं और पश्चिम बंगाल में भी निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए आयोग कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी हिंसा के प्रति आयोग की जीरो टॉलरेंस नीति है।
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उन्होंने यह भी दोहराया कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 अभी भी भरे जा सकते हैं। बैठक के अंत में सभी राजनीतिक दलों ने आयोग को भरोसा दिलाया कि वे पश्चिम बंगाल में हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी और कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य के मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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