Dwarka Under Sea in Gujarat: भगवान श्रीकृष्ण को द्वारकाधीश कहते हैं। वे द्वारका नगरी में रहते थे। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह नगरी आज भी मौजूद है, लेकिन हजारों साल से समुद्र में डूबी हुई है। गुजरात सरकार ने अब लोगों को द्वारका का दर्शन कराने की योजना बनाई है, जिसके लिए पर्यटन विभाग ने मझगांव डॉक के साथ समझौता किया है। दोनों के बीच इसे लेकर एमओयू साइन हुए हैं।
पनडुब्बी से लोग करेंगे द्वारका का दर्शन
मिली जानकारी के मुताबिक, गुजरात सरकार पनडुब्बी से लोगों को द्वारका का दर्शन कराएगी। राज्य के पर्यटन विभाग के मझगांव डॉक के साथ किए गए समझौते के मुताबिक. ट्रांसपेरेंट पनडुब्बी से लोग 300 फीट नीचे जाकर द्वारका नगरी के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, अभी करार प्राथमिक चरण में है।
भारतीय नौसेना को आधुनिक योगदान देने वाले मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड को शुरू हुए 250 साल हो गए। यह कंपनी ड्राई डॉक के साथ 1774 में शुरू हुई। इस समय कंपनी एक बिलियन डॉलर की है। यह देश का पहला डॉकयार्ड है, जहां पनडुब्बी और युद्धपोत दोनों बनता है। पिछले पांच साल में मझगांव डॉक ने पांच पनडुब्बी और तीन साल में लगातार तीन युद्धपोतों को नौसेना में शामिल करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अभी तक तय नहीं हुआ डिजाइन
गुजरात सरकार ने मझगांव के साथ एक पनडुब्बी के लिए एमओयू साइन किया है, लेकिन अभी तक डिजाइन पर बात नहीं हुई है। ये पनडुब्बी पर्यटन के लिए हैं या नहीं, इस पर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
बताया जाता है कि पनडुब्बी समुद्र में 300 फीट नीचे जाएगी। इसका बाहरी भाग ट्रांसपेरेंट होगा, जिससे दर्शक समुद्र में डूबी हुई द्वारका नगरी के दर्शन कर सकेंगे।