केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान आज पहली बार सांसद आए तो उनका मकर द्वार पर शानदार स्वागत हुआ. NDA के सभी सांसदों ने मकर द्वार पर उन्हें रिसीव किया और पाग पहनाकर उनका हौंसला बढ़ाया. इसके बाद सभी सांसद पूरे मान-सम्मान के साथ उन्हें लोकसभा सदन के अंदर ले गए. वहीं संसद में धर्मेंद्र प्रधान का इस तरह स्वागत करके सरकार ने संदेश दिया है कि इस्तीफा किसी दबाव में आकर या असंतोष के कारण नहीं लिया गया है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए देश और छात्रों के हित में लिया गया है.

सूत्रों का कहना है कि इस स्वागत के जरिए सरकार ये साफ संदेश देना चाहती है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी अंतरात्मा की आवाज पर छात्रों के और देश के हित को ध्यान में रखतकर स्वेच्छा से लिया गया फैसला था और उनके इस फैसले के साथ पूरी सरकार और संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा है. प्रधानमंत्री ने उनसे इस्तीफा नहीं मांगा और अब मकरद्वार पर स्वागत के जरिए सत्ता पक्ष ये भी साबित करना चाहता है कि इस्तीफा किसी दबाव या असंतोष का परिणाम नहीं था.

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वरिष्ठ पत्रकारों और विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी द्वारा इस तरह का स्वागत एक तरह का डैमेज कंट्रोल है, ताकि उनकी छवि खराब न हो. सरकार ये साबित करना चाहती है कि प्रधानमंत्री ने उनसे इस्तीफा नहीं मांगा, बल्कि उन्होंने देश और छात्रों के हित में खुद ये निर्णय लिया. उधर, विपक्ष भी मकर द्वार के आसपास इकट्ठा होकर रणनीति बनाने में जुटा दिखा.

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इस्तीफे के बाद बीजेपी नेताओं ने की मुलाकात

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वहीं, जब धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के रूप में इस्तीफा दिया था, तब गृह मंत्री अमित शाह, पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह, निर्मला सीतारमण, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके घर जाकर मुलाकात की थी. जिनमें बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल थे. बीजेपी के सभी नेताओं ने उनके इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था, लेकिन ये भी साफ किया था कि प्रधान ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है.

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आपको बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम लिखे पत्र में स्पष्ट कहा था कि छात्रों के धरना-प्रदर्शन का राष्ट्र विरोधी ताकतें कोई फायदा न उठाएं, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया. उन्होंने बताया था कि नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी उन्होंने पहले दिन से ही ली थी और जो भी संभव था, उसके लिए कदम उठाए. नीट परीक्षा दोबारा करवाई गई और नतीजे जल्द घोषित कराए गए.

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