Delhi Women filled Rape Case against 9 in Different Police Stations: देश की राजधानी दिल्ली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली की रहने वाली एक महिला ने राजधानी समेत आसपास के अलग-अलग थानों में रेप से जुड़ी शिकायतें दर्ज करवाई हैं। महिला ने 9 अलग-अलग थानों में 9 अलग-अलग लोगों पर रेप का आरोप लगाया है। इसी कड़ी में महिला ने आर्मी से रिटायर्ड 64 वर्षीय ऑफिसर कैप्टन राकेश वालिया को भी अपने षडयंत्र का शिकार बनाया। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट भी हैरान रह गया।
9 FIR दर्ज करवाई
सुप्रीम कोर्ट में कैप्टन वालिया के वकील अश्विनी दुबे ने बताया कि महिला लोगों पर रेप का आरोप लगाती थी और फिर उसका वकील सैटेलमेंट के नाम पर बड़ी रकम की मांग करता था। इस मामले में पुलिस की भी कमी नजर आई है। 9 FIR दर्ज करवाने के बाद भी पुलिस ने न तो महिला का फोन जब्त किया और न ही उसका मेडिकल टेस्ट करवाया गया।
कहां से शुरू हुई कहानी?
अश्विनी दुबे की मानें तो कैप्टन वालिया कई सारी किताबें लिखते हैं। ऐसे में उन्हें सोशल मीडिया हैंडल की जरूरत थी। महिला ने खुद कैप्टन वालिया को फोन करके बताया कि उसकी टीम सोशल मीडिया संभालती है। इसके लिए महिला ने कैप्टन को मैहरोली मेट्रो स्टेशन के पास मिलने के लिए बुलाया। वहां से महिला कैप्टन की कार में बैठ गई और कहा कि मेरा ग्रुप नोएडा में आपका इंतजार कर रहा है। जब कैप्टन की गाड़ी नोएडा के बोटैनिकल गार्डन पहुंची, तो महिला ने किसी होटल में चलकर बातचीत करने की गुजारिश की।
महिला ने लगाए संगीन आरोप
अश्विनी दुबे के अनुसार यहां से कैप्टन को महिला पर शक होने लगा। उन्होंने महिला को बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर ही उतार दिया और वहां से चले गए। लगभग 2 घंटे के बाद कैप्टन वालिया को पुलिस स्टेशन से फोन आया कि आपके खिलाफ FIR दर्ज हुआ है और आप पर रेप का मुकदमा दायर किया गया है। महिला ने पुलिस को बताया कि नशीला पदार्थ पिलाकर गाड़ी के पिछली सीट पर उसके साथ बलात्कार किया गया है।
महिला ने नहीं करवाया मेडिकल टेस्ट
अश्विनी दुबे ने बताया कि कार से उतरने के बाद महिला सीधे नोएडा पुलिस के पास गई, लेकिन पुलिस ने FIR लिखने से साफ मना कर दिया। आखिर में महिला मैहरोली पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां 10 मिनट के भीतर FIR दर्ज कर ली गई। पुलिस मेडिकल के लिए महिला को AIIMS ले गई और ब्लड प्रेशर के अलावा कुछ चेक नहीं करवाया। पुलिस ने महिला का फोन भी चेक नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला
पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कैप्टन वालिया को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उम्रदराज होने के कारण अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद कैप्टन वालिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तब पता चला कि कैप्टन वालिया की तरह ही महिला ने कई अन्य लोगों पर भी रेप केस दर्ज करवाया है।
FIR रद्द करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए कैप्टन वालिया को बरी कर दिया। महिला के पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं थे। महिला ने मेडिकल टेस्ट करवाने से भी मना कर दिया। आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने कैप्टन वालिया पर लगे आरोपों को झूठा करार देते हुए FIR को रद्द करने का आदेश दे दिया।