महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में एक दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों को कभी न भरने वाला दुख दे दिया. धानोरा तालुका के जपतलाई गांव स्थित अनुदानित आवासीय आश्रमशाला में रात को सो रही तीन छात्राओं को जहरीले सांप ने डस लिया. सर्पदंश के बाद तीनों की हालत बिगड़ गई और इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद आश्रमशाला में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाना शुरू किया. तीनों छात्राओं के शव गडचिरोली जिला सामान्य अस्पताल लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है.
मुंबई से सटे कल्याण में आवारा कुत्ते का आतंक! एक दिन में 130 से 150 लोगों को काटने का दावा
---विज्ञापन---
खाना खाने के बाद सोने गई थीं छात्राएं
जानकारी के मुताबिक, आश्रमशाला में रहने वाली छात्राएं रात में खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थीं. रात के दौरान ही सांप ने तीन छात्राओं को डस लिया. कुछ देर बाद जब इसकी जानकारी आश्रमशाला के कर्मचारियों को हुई तो तीनों को उपचार के लिए धानोरा के अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने तीनों को गढ़चिरोली जिला सामान्य अस्पताल रेफर किया. लेकिन वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने तीनों छात्राओं को मृत घोषित कर दिया. एक साथ तीन बच्चियों की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवारों तक पहुंची, परिजन अस्पताल की ओर दौड़ पड़े. बच्चियों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
---विज्ञापन---
हादसे के बाद सवालों में आश्रमशाला
यह घटना सिर्फ तीन परिवारों के लिए दुखद नहीं है, बल्कि आश्रमशाला में रहने वाले दूसरे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है. सवाल उठ रहा है कि छात्राओं के कमरों में सांपों की आवाजाही रोकने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम थे? रात के समय बच्चों की निगरानी के लिए कितने कर्मचारी तैनात थे? सर्पदंश के बाद छात्राओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा? और क्या आश्रमशाला में ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से कोई व्यवस्था मौजूद थी? इन सवालों के जवाब अब प्रशासनिक जांच में तलाशे जाएंगे.
---विज्ञापन---
स्कूली छात्राएं बनीं रिपोर्टर! सड़क की समस्या को अनोखे अंदाज में उठाया, वीडियो वायरल
---विज्ञापन---
विकास मंत्री मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल का जायजा ले रहे हैं. संबंधित प्रकल्प अधिकारी को मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं. महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने भी घटना का संज्ञान लिया है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजकर मामले की जांच और आवश्यक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं.
---विज्ञापन---
सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग
एक ही रात में तीन छात्राओं की मौत के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी है. उनकी मांग है कि घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर आश्रमशाला में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था थी और कहां चूक हुई. साथ ही यह भी जांच का विषय है कि सर्पदंश के बाद तीनों छात्राओं को कितनी जल्दी चिकित्सा सुविधा मिली और अस्पताल तक पहुंचने में कहीं ऐसी देरी तो नहीं हुई, जिसने उनकी हालत को और गंभीर बना दिया. पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है.
जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी. लेकिन तीन मासूम छात्राओं की मौत ने आश्रमशाला में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है, आखिर जिन बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ने और रहने का भरोसा दिया गया था, उनकी सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?