Death Sentence to Kerala Girl: केरल की एक लड़की ग्रीष्मा को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है, क्योंकि उसने अपने प्रेमी शेरोन राज को घर बुलाकर मौत के घाट उतार दिया था। उसने प्रेमी को तड़पा-तड़पाकर मारा था, क्योंकि ग्रीष्मा के अनुसार, उसकी शादी सेना के अधिकारी के साथ तय हो गई थी और जब शेरोन के इस बारे में पता चला तो वह उसे ब्लैकमेल करने लगा था, इसलिए उसने उसे ठिकाने लगा दिया।
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के नेय्याट्टिनकारा की जिला अदालत ने आज सोमवार को 24 वर्षीय ग्रीष्मा को मौत की सजा सुनाई। हत्याकांड में साथ देने वाले उसके मामा निर्मलकुमारन नायर को 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने पिछले सप्ताह ग्रीष्मा की मां सिंधु को हत्याकांड में बरी कर दिया था, क्योंकि उसके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे। 14 अक्टूबर 2022 को हत्याकांड अंजाम दिया गया था।
प्राइवेट फोटो पति को भेजने की धमकी दे रहा था
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 24 साल की कन्याकुमारी निवासी ग्रीष्मा और तिरुवनंतपुरम के परसाला निवासी शेरोन साल 2021 से रिश्ते में थे। ग्रीष्मा अंग्रेजी से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही थी और शेरोन ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर में था। मार्च 2022 में ग्रीष्मा के परिवार ने उसकी शादी एक सैन्य अधिकारी से तय कर दी और उसने भी इस शादी के लिए सहमति दे दी, लेकिन शादी तय होने के बाद भी ग्रीष्मा ने शेरोन से रिश्ता जारी रखा।
पूछताछ के दौरान ग्रीष्मा ने पुलिस को बताया कि वह शेरोन के साथ अपने रिश्ते को खत्म करना चाहती थी, इसलिए उसने शेरोन से बात की, लेकिन ग्रीष्मा की शादी की बात पता चलने पर शेरोन भड़क गया। वह उनके अंतरंग पलों की तस्वीरें उसके होने वाले पति को भेजने की धमकी देने लगा। वह उसे ब्लैकमेल करने लगा था। इसलिए उसने अपने परिजनों के साथ मिलकर उसकी हत्या करने की योजना बनाई।
घर बुलाकर आयुर्वेदिक खरपतवारनाशी पिलाया
रिपोर्ट के अनुसार, शेरोन को मारन के लिए उसने ऑनलाइन सर्फिंग करके पेनकिलर्स की हेवी डोज के नेगेटिव इम्पैक्ट खंगाले। उसने कई बार शेरोन को जहर देने का प्रयास किया था। यहां तक कि उसके पानी और जूस में गोलियां भी मिला दी थीं, लेकिन जांचकर्ताओं के अनुसार इन दवाओं से शेरोन का कुछ नहीं बिगड़ा। इसलिए उसने आयुर्वेदिक जहर बनाया।
सैन्य अधिकारी से शादी होने से लगभग एक महीना पहले ग्रीष्मा ने 14 अक्टूबर 2022 को शेरोन को अपने घर बुलाया और उसे एक औषधीय आयुर्वेदिक पेय पदार्थ पिलाया, जिसमें उसने खरपतवारनाशी मिलाया था। इस आयुर्वेदिक मिश्रण का स्वाद आम तौर पर कड़वा होता है, इसलिए शेरोन को उसे पीते समय कुछ असामान्य नहीं लगा। ग्रीष्मा के घर से निकलने के बाद, उसे बेचैनी महसूस होने लगी और उस रात उसे कई बार उल्टियां लगीं। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में उपचार के दौरान शेरोन ने तोड़ा था दम
रिपोर्ट के अनुसार, 25 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान शेरोन के शरीर कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद इलाज के दौरान ही तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई। अपनी मौत से पहले परिजनों के सामने उसने संदेह जताया था कि उसे ग्रीष्मा ने जहर दिया है और अपने एक दोस्त से भी कहा था कि ग्रीष्मा ने उसे धोखा दिया है। शेरोन की मौत के बाद उसके परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
ग्रीष्मा को 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। लगभग एक साल बाद सितंबर 2023 में उसे जमानत मिल गई। उसकी मां और मामा को भी ग्रीष्मा का सहयोग करने और सबूत नष्ट करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया। भारतीय दंड संहिता की धाराओं 364 (हत्या के लिए अपहरण या अपहरण), 328 (जहर देकर चोट पहुंचाना), 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना और अपराधी को बचाने के लिए झूठे साक्ष्य देना), 203 (झूठी सूचना देना) और 34 (सामान्य इरादे से किया गया आपराधिक कृत्य) के तहत दर्ज किया गया था।