देश में कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं. आंध्र प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में भी कोरोना की दस्तक हो गई है और 3 साल बाद प्रदेश में कोरोना के केस मिले हैं. जुलाई महीने में महाराष्ट्र में कोरोना के 21 नए केस मिले हैं. पिछले 10 दिन में पुणे में कोरोना फैला है. हालांकि अभी खतरा ज्यादा नहीं है, लेकिन मरीजों के कोरोना वायरस के हल्के लक्षण मिले हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. डॉक्टरों ने भी वायरल इन्फेक्शन वाले लोगों से दूर रहने की सलाह लोगों को दी है.

कोरोना वैक्सीन पर SC का बड़ा फैसला, साइड इफेक्ट को लेकर मुआवजा पॉलिसी बनाने का केंद्र सरकार को आदेश

---विज्ञापन---

महाराष्ट्र में कोरोना केसों की संख्या हुई 48

महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कोरोना केसों की संख्या अब 48 हो गई है. प्रदेश में जनवरी में 3 केस थे. इसके बाद फरवरी में 1, जून में 11 और जुलाई के 18 दिनों में 21 मरीज मिल चुके हैं. 3 साल से कोरोना को लेकर निगरानी की जा रही थी और यह वायरस रडार से बाहर रहा, लेकिन साल 2026 में इसके केस धीरे-धीरे बढ़े हैं और अब के बढ़ते जा रहे हैं. देश में कोरोना का फिर से पांव पसारना बड़ा तो नहीं, लेकिन टेंशन वाला मुद्दा है.

---विज्ञापन---

आंध्र प्रदेश में कोरोना से 4 लोगों की मौत

बता दें कि आंध्र प्रदेश में 26 जून से 18 जुलाई के बीच कोरोना के 12 केस मिल चुके हैं, जिनमें से 4 मरीजों मौत हो चुकी है. 3 मरीज अपने घर में ही एकांतवास में हैं और एक मरीज कोरोना वार्ड में भर्ती है. वहीं 3 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं. राज्य के स्वास्थ्य सचिव वीरपांडियन ने बताया कि कडप्पा जिले के 3 और काकीनाडा के एक कोरोना मरीज की मौत हुई है. चारों मरीज पहले से बीमारियों से पीड़ित थे, जिनकी जांच में कोरोना पॉजिटिव मिले.

---विज्ञापन---

बीमारियों की जांच में मिल रहे कोरोना केस

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कोरोना केस बीमारियों की जांच करने पर सामने आ रहे हैं. किसी बीमारी से ग्रस्त मरीज अगर डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट करा रहे हैं तो वे रिपोर्ट में कोराेना संक्रमित मिल रहे हैं. डॉक्टरों के अनुसार, कोरोना वायरस अब एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा है, जो कमजोर इम्युनिटि वाले लोगों को टारगेट कर रहा है. दुनिया के किसी कोने में नए वेरिएंट के उभरने के कारण हर एक-दो साल में कोरोना के केसों का बढ़ना स्वाभाविक है.

---विज्ञापन---

‘कोरोना वैक्सीन मौत का कारण नहीं’, देश में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों पर संसद में सरकार का जवाब

---विज्ञापन---

कोरोना को लेकर क्या कह रहे एक्सपर्ट्स?

महाराष्ट्र के जहांगीर अस्पताल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष चौधरी कहते हैं कि अगर इतने केस मिल रहे हैं तो टेंशन वाली बात है. ओमिक्रॉन वेरिएंट से हल्के मौजूदा कोरोना वायरस में मरीजों को आमतौर पर खांसी, जुकाम, गले में खराश और थकान जैसे लक्षण दिख रहे हैं, जो 3 से 5 दिन तक परेशान करते हैं. और ज्यादा केस हो सकते हैं, क्योंकि हल्का वायरल इन्फेक्शन होने पर लोग टेस्ट ही नहीं कराते. कोविड अब इन्फ्लूएंजा की तरह हमारे बीच ही रहने वाला है.