दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर मोदी सरकार की टेंशन बढ़ गई है. देशभर में जारी बवाल को काबू करने के लिए सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है. पीएम मोदी ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को सलाह दी है कि वो प्रोटेस्ट में शामिल Gen Z पीढ़ी के युवाओं से इंस्टाग्राम पर रील्स और इंटरैक्टिव सेशन के ज़रिए कनेक्ट करें. कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने कहा- युवा पीढ़ी इंस्टाग्राम पर ही सबसे ज्यादा एक्टिव हैं और इनसे जुड़ना सरकार के लिए बेहद ज़रूरी है.

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क्या है रणनीति?

पीएम मोदी को ये आइडिया तब आया जब उन्होंने इंस्टाग्राम के ज़रिए एक वीडियो मैसेज देकर ये बताया कि सरकार नीट पेपर लीक मामले पर क्या एक्शन लेने वाली है. कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से ये पूछा कि उनमें से इतने लोग इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि सभी को इंस्टाग्राम के ज़रिए सरकार के कामों को लोगों तक पहुंचाना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार के सभी मंत्रियों को रील्स बनानी चाहिए और देश की युवा पीढ़ी से जुड़ना चाहिए.

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पीएम मोदी ने क्या कहा?

कॉकरोच पार्टी ने जो आंदोलन शुरू किया, उसकी आग पूरे देश में फैल गई. दूसरे राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन होने लगे. विपक्ष ने भी मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए जगह-जगह धरना दिया. आखिरकार थक हारकर सरकार को बीच में आना पड़ा. पीएम मोदी ने गुरुवार को खुद आगे आकर छात्रों से संपर्क करने की पहल की. प्रधानमंत्री ने पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक में शामिल लोगों को नहीं छोड़ेगी और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है.'' हालांकि पीएम मोदी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने युवाओं पर जो बर्बरता की, उसका कोई ज़िक्र नहीं किया और ना ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कोई बात कही.

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