कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को चीन के साथ जारी टकराव को लेकर पीएम मोदी को घेरा. उन्होंने प्रधानमंत्री पर चीन के मुद्दे पर पूरी तरह से खामोश रहने का आरोप लगाया. कांग्रेस अध्यक्ष ने अरुणाचल प्रदेश में बीजिंग की गतिविधियों और पड़ोसी देश के साथ भारत के बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर चिंता जाहिर की. खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा- ”चीन को बहुत क्लीन चिट दी जा चुकी हैं. पीएम मोदी को भारत के सामने सच रखना चाहिए.”
खरगे ने पूछे 3 सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पीएम मोदी से 3 सवालों के जवाब मांगे. पहला राष्ट्रीय सुरक्षा, दूसरा आर्थिक सुरक्षा और तीसरा राजनयिक जवाबदेही. राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए खरगे ने X पर लिखा, ”अरुणाचल प्रदेश में PLA (चीनी सेना) के साथ लगातार हो रहे टकराव की ITBP के DG ने पुष्टि की, जोकि बेहद चिंताजनक है. डोकलाम और गलवान के बाद क्या एक और गंभीर टकराव की स्थिति बन रही है? अगस्त में तक्सिंग के पास चीनी घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं. फिर भी, वाचा-दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बाद भी, टकराव जारी है. क्या भारत की पेट्रोलिंग की पहुंच प्रभावित हुई है? अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है. देश को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है?”
आर्थिक सुरक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
आर्थिक सुरक्षा के बारे में बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, ”गलवान में भारतीय सेना के 20 बहादुर जवानों की शहादत के बाद से (वित्त वर्ष 2020-21 में), चीन से आयात में 102% की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 155% बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया है. यहां तक कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी माना है कि चीन भारतीय निर्यात में रुकावट डालता है. इसके बावजूद, सरकार चीनी निवेश पर लगी पाबंदियों में ढील दे रही है और चीन से जुड़ी पात्र कंपनियों को PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) का फायदा देने पर विचार कर रही है. क्या ‘मेक इन इंडिया’ अब ‘चीन से आयात’ में बदल गया है?”
और क्या बोले खरगे?
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ”पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच कम से कम 23 बैठकें और बातचीत, NSA अजित डोभाल के साथ खास प्रतिनिधियों के 25 दौर की वार्ता, WMCC की 36 बैठकें और लगातार SCO तथा BRICS शिखर सम्मेलन हुए हैं. इन मुलाकातों और बातचीत से क्या ठोस नतीजे निकले हैं? क्या मई 2020 से पहले भारत को हासिल गश्त करने के अधिकार पूरी तरह से बहाल हो गए हैं?” उन्होंने आगे कहा, ”हमारे सशस्त्र बलों पर हमें पूरा भरोसा है. लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जवाबदेही जरूरी है, ना कि कूटनीतिक फोटो-ऑप्स और ‘गले मिलने वाली कूटनीति’. विपक्ष पर हमला करने के बजाय, पीएम मोदी को संसद और देश को विश्वास में लेना चाहिए.”