Delhi Transfer-Posting Policy: दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग विवाद में केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम में जुटे अरविंद केजरीवाल को कांग्रेस से बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कहा कि वे वे (आप) अपनी लड़ाई को जनता की लड़ाई कैसे बना सकते हैं? वो कहते हैं शिक्षा में, स्वास्थ्य में बहुत काम किया है। ये जो श्रेय लेते हैं, ये भी दिल्ली में तैनात अफसरों का काम है। उन्होंने सवाल उठाते कहा कि ये अंडमान निकोबार द्वीप समूह से अफसर लाए थे क्या?
अजय माकन ने कहा कि उन्हें डर है कि अब वे फंस गए हैं। वे लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। वे शराब घोटाले और अन्य घोटालों में फंस गए हैं।
कई मुद्दों पर आप ने भाजपा का समर्थन किया
अजय माकन ने कहा कि वे कांग्रेस का समर्थन कैसे मांग रहे हैं? उन्होंने (अरविंद केजरीवाल) भाजपा के समर्थन से राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भाजपा का समर्थन किया। उन्होंने जस्टिस दीपक मिश्रा के महाभियोग के दौरान बीजेपी का समर्थन किया था। अजय माकन ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति जो देश के बारे में नहीं सोचता, खालिस्तानी समर्थकों से बात करता है, उसे कांग्रेस कैसे समर्थन दे सकती है।
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विपक्ष के नेताओं से मिल रहे केजरीवाल
दरअसल, दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग के मुद्दे पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच तलवारें खिंची हैं। दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार हासिल किया था। लेकिन केंद्र ने अध्यादेश के जरिए उपराज्यपाल को फिर से ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दे दिया। यह अध्यादेश संसद के दोनों सदनों में पास होना है। लोकसभा में बीजेपी के पास बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में अल्पमत में हैं। ऐसे में केजरीवाल अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष को एकजुट कर रहे हैं।
अजय माकन बोले- कांग्रेस के समर्थन वाली बात अफवाह
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीते दिनों दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। उन्होंने अध्यादेश के खिलाफ केजरीवाल की लड़ाई को समर्थन दिया। इसके बाद नीतीश ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की। हालांकि कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के बयान से स्पष्ट है कि अभी तक कांग्रेस ने इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया है। अजय माकन ने भी कांग्रेस के समर्थन वाली बात को अफवाह करार दिया है।