RPF कांस्टेबल की बीमारी पर कन्फ्यूजन! रेलवे ने पहले कहा- आरोपी ने मानसिक स्थिति छिपाई, फिर लिया यूटर्न

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Jaipur-Mumbai Train Shootout: जयपुर से मुंबई जा रही ट्रेन में चार लोगों की हत्या के आरोपी RPF कांस्टेबल चेतन सिंह की बीमारी पर रेलवे कन्फ्यूज है! आरोपी आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह को लेकर रेलवे ने पहले बयान दिया कि उसके परिवारवालों ने मानसिक स्थिति को लेकर कुछ बातें छिपाई। फिर अपने ही बयान से रेलवे ने यूटर्न ले लिया और प्रेस सूचना ब्यूरो की वेबसाइट से बयान हटा दिया।

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दरअसल, ASI टीकाराम मीना और 3 अन्य यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने वाले आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह के मानसिक स्वास्थ्य पर पलटवार करते हुए रेलवे ने बुधवार को बयान दिया था। रेलवे ने कहा कि आरोपी और उसके परिवार ने मेडिकल रिलेटेड इश्यू को रेलवे से छिपाया। लेकिन बाद में चल रही जांच का हवाला देते हुए बयान वापस ले लिया।.

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रेलवे ने अपने जारी बयान में क्या कहा था?

बुधवार शाम 5.17 बजे जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में रेल मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल बीमारी का इलाज चेतन सिंह ने अपने व्यक्तिगत स्तर पर किया है और यह आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं है। आरोपी और उसके परिवार ने बीमारी को गुप्त रखा है। बता दें कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारी अन्य रेलवे अधिकारियों की तरह हर पांच साल में मेडिकल टेस्ट (PME) से गुजरते हैं। रेलवे ने बयान में कहा कि पिछले PME में आरोपी की स्थिति के बारे में कुछ पता नहीं चला।

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हालांकि बयान जारी करने के करीब दो घंटे बाद रेलवे ने प्रेस सूचना ब्यूरो की वेबसाइट से बयान हटा दिया और अधिकारियों ने कहा कि विज्ञप्ति वापस ले ली गई है। इन पहलुओं पर गौर करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। इसीलिए प्रेस रिलीज वापस ले ली गई।

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हत्या वाले दिन आरपीएफ IG ने दिया था ये बयान

सोमवार को हत्या वाले दिन आरपीएफ महानिरीक्षक (RPF IG) और पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पीसी सिन्हा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि जाहिर तौर पर, वह (चेतन सिंह) गर्म दिमाग वाला माना जाता है। लेकिन फिर हमें उसके पिछले पांच साल के रिकॉर्ड में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिला। उसका रिकॉर्ड साफ-सुथरा रहा है और यही कारण है कि जब उसने छह महीने पहले अनुरोध किया तो मैंने उसे मुंबई में तैनात कर दिया।

पीसी सिन्हा के इस बयान के एक दिन बाद यानी मंगलवार को पश्चिम रेलवे के मुख्य पीआरओ के कार्यालय ने कहा कि सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया। पीआरओ कार्यालय के मुताबिक, सिन्हा ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि चेतन सिंह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे। मामले की जांच पड़ताल चल रही है।

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सोमवार तड़के चेतन सिंह ने वारदात को दिया था अंजाम

सोमवार तड़के एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह ने जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अपने सीनियर ASI टीकाराम मीना और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी। यात्रियों की पहचान बिहार के मधुबनी के असगर अब्बास अली, महाराष्ट्र के पालघर में नालासोपारा से अब्दुल कादर मोहम्मद हुसैन भानपुरवाला और हैदराबाद के नामपल्ली से सैयद सैफुल्लाह के रूप में की गई।

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