केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार रात छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे छात्रों के मुद्दे पर सियासी रोटियां सेंक रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की एप्रोच सेलेक्टिव है, उन्होंने कांग्रेस या इंडिया गठबंधन की सरकार वाले राज्यों की बात नहीं उठाई. इससे साफ होता है कि राहुल गांधी का मकसद छात्रों को हित, एजुकेशन की क्वालिटी ठीक करना या छात्रों को न्याय दिलाना नहीं है.

बता दें, छात्रों के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी मंगलवार को पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए थे. इसके बाद बुधवार को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. राहुल गांधी ने कहा था कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं और सजा किसी को नहीं हुई है.

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इसके बाद जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेस की, जिसकी शुरुआत में उन्होंने कहा कि छात्रों की जो मांग हैं और उन्होंने पेपर लीक का मुद्दा उठाया है. मेरी अपील है कि इस पर सियासत नहीं करनी चाहिए. इसका सियासी लाभ लेना सही नहीं है. यह गंभीर विषय है. इस पर चर्चा होनी चाहिए.

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जेपी नड्डा ने साथ ही कहा कि यह समय यह नहीं है कि हमारी सरकार, आपकी सरकार, तुम्हारी सरकार… इस तरह से चीजों को बांटें. यह गंभीर मामला है. हमें आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर इस पर चर्चा करनी चाहिए. चर्चा करने का सबसे अच्छा माध्यम संसद है. हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा के माध्यम से इसकी बारीकियों में जाएं कि किस वजह से पेपर लीक हो रहे हैं. इसमें कौन शामिल हैं. हमने ऐसे मामले आने पर इनसे कैसे निपटा और दूसरी सरकारों को भी कैसे निपटना चाहिए. क्या बिंदू हैं, जिनके बारे में गहराई से चिंतन करके उसका कोई रास्ता निकालना चाहिए. ताकि हमारे छात्रों के साथ अन्याय ना हो.

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साथ ही उन्होंने कहा, एनडीए इस मामले में पीएम मोदी के नेतृत्व में बहुत गंभीर है. सरकार ने बहुत गंभीरता से इस विषय को लिया है. इसलिए हमने चाहा है कि संसद में इस पर चर्चा हो. आप (विपक्ष) तय कर लिजिए कि संसद में इस पर कितनी देर चर्चा करनी है. विपक्ष जितनी देर चर्चा चाहे, सरकार चर्चा के लिए तैयार है.

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