NEET-UG Paper Leak: NEET महा-घोटाले (NEET-UG 2026) की जांच कर रही सीबीआई (CBI) के हाथ आज एक और बड़ी कामयाबी लगी है. 'पेपर-सेटिंग कमेटी' की गिरफ्तार सदस्य मनीषा मंढारे को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने आरोपियों की चालाकी को देखते हुए सीबीआई को पूरे 14 दिनों की कस्टडी सौंप दी है. कोर्ट रूम के भीतर सीबीआई ने जो दलीलें दीं, उन्होंने यह साफ कर दिया कि यह पेपर लीक कितना गहरा और सुनियोजित था.
CBI ने खोले चौंकाने वाले राज
सीबीआई ने अदालत को बताया कि मनीषा मंधारे कोई साधारण आरोपी नहीं है. वो बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) और जूलॉजी (जंतु विज्ञान) के प्रश्न पत्रों का अनुवाद (Translation) करने की एक्सपर्ट थी. इसी वजह से उसकी पहुंच सीधे असली प्रश्न पत्रों तक थी और इसी का फायदा उठाकर उसने इस पूरी 'प्रणाली' को धोखा दिया.
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साजिश का त्रिकोण: मनीषा मंढारे इस पूरे खेल में अकेले नहीं थीं. वे पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर एक गहरी साजिश के तहत काम कर रही थीं. जांच एजेंसी ने खुलासा किया कि मनीषा मंढारे ने अपने पास मौजूद असली प्रश्न पत्र को शुभम नाम के एक अन्य आरोपी को सौंप दिया था, जिसने इसे आगे बांटा.
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देशभर में फैले हैं तार
सीबीआई ने कोर्ट से 14 दिनों की भारी-भरकम कस्टडी मांगते हुए कहा कि इस वक्त पूरे देश में एक साथ छापेमारी और जांच चल रही है. चूंकि यह नेटवर्क बहुत बड़ा है, इसलिए मनीषा मंढारे को जांच और सबूत जुटाने के सिलसिले में देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाना बेहद जरूरी है.
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NTA में हुआ बड़ा बदलाव
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें 2 संयुक्त सचिव और 2 संयुक्त निदेशक शामिल हैं. यह तैनाती DoPT यानी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की है.
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पहली अधिकारी हैं अनुजा बापट. ये 1998 बैच की ISS यानी भारतीय सांख्यिकीय सेवा की अधिकारी हैं. दूसरी अधिकारी हैं रुचिता विज. ये 2004 बैच की IRS यानी भारतीय राजस्व सेवा (C&IT) की अधिकारी हैं.