Bihar election 2025: चुनाव की तैयारियों में जुटे बूथ लेवल अधिकारियों को बड़ी खुशखबरी है। चुनाव आयोग ने इनका सालाना पारिश्रमिक दोगुना कर दिया है। अभी तक बीएलओ को 6000 रुपये मानदेय मिलता था, अब यह राशि दोगुनी होकर 12000 रुपये हो गई है। ईआरओ और एईआरओ को भी पहली बार मानदेय का लाभ मिलेगा। इसके अलावा बिहार में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पूरा करने के लिए बीएलओ को 6000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इससे पहले वोटर लिस्ट रिवीजन के लिए बीएलओ को 1 हजार रुपये का अतिरिक्त मानदेय मिलता था, चुनाव आयोग ने उसे भी बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया है। चुनाव आयोग ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। आयोग ने बताया कि मानदेय में अंतिम संशोधन साल 2015 में किया गया था।
बिहार में BLO को अब मिलेंगे इतने रुपये
बिहार में चुनाव आयोग अभी बीएलओ को 12000 रुपये का मानदेय देता है। मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के लिए 6000 रुपये बोनस भी मिलेगा। इसके अलावा नीतीश सरकार ने पिछले महीने एकमुश्त 6 हजार रुपये देने की घोषणा की थी। इसके अलावा आयोग ने वोटर लिस्ट रिवीजन के लिए बीएलओ को मिलने वाला अतिरिक्त 1 हजार रुपये का मानदेय अब 2 हजार रुपये हो गया है। इन सभी को मिलाकर बिहार में बीएलओ को कुल 25 हजार रुपये मिलेंगे।
पहली बार ईआरओ और एईआरओ को मिलेगा मानदेय
चुनाव आयोग ने बताया कि ईआरओएस और एईआरओएस के लिए पहली बार मानदेय प्रदान किया गया है। आयोग ने निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) को 30 हजार रुपये और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) को 25 हजार रुपए का मानदेय देने की घोषणा की है। अभी तक इन्हें कोई भत्ता या मानदेय नहीं मिल रहा था।