महाराष्ट्र के नासिक जिले में बने मशहूर त्र्यंबकेश्वर मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर चल रही कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में मंदिर ट्रस्ट के विश्वस्त और शरद पवार की पार्टी NCP के नेता पुरुषोत्तम को गिरफ्तार किया गया है, यानी त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन के नाम पर चल रहे घोटाले का राजनीतिक कनेक्शन सामने आ गया है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को लंबी लाइन से बचाने के नाम पर VIP दर्शन का लालच दिया जा रहा था। आरोपी दावा करते थे कि 10 मिनट में दर्शन करा देंगे, जबकि सामान्य लाइन में 4 से 5 घंटे का समय लगता है।
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आरोपियों ने भक्तों को कैसे लगाया है चूना?
नासिक के श्रद्धालु अनंत सुरेश अपने दोस्त के साथ दर्शन के लिए पहुंचे थे। उन्होंने 200 रुपये का आधिकारिक ‘डोनेशन दर्शन पास’ लिया था और लाइन में खड़े थे। इसी दौरान आरोपी गोतीराम मांजी ने उनसे संपर्क किया और 3000 रुपये लेकर VIP दर्शन कराने का ऑफर दिया। फिर दूसरे आरोपी अभिषेक की मदद से उन्हें सीधे अंदर भेजा गया। दर्शन करने के बाद बाहर आते ही उनसे 3000 रुपये नकद वसूले गए और वह भी बिना किसी रसीद के वसूले गए। दोनों पीड़ितों ने मामले की शिकायत ट्रस्ट को दी तो कालाबाजारी का खुलासा हुआ।
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ट्रस्ट तक पहुंचा मामला और पुलिस कार्रवाई
शिकायत की जांच के दौरान सामने आया कि इस पूरे VIP दर्शन रैकेट में मंदिर ट्रस्ट के विश्वस्त पुरुषोत्तम की भूमिका है। पुलिस ने बीती रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुरुषोत्तम से पूछताछ में साफ हुआ कि यह खेल सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि मंदिर प्रशासन के अंदर तक फैला हुआ था। त्र्यंबकेश्वर पुलिस थाने में फर्जीवाड़े का केस दर्ज किया गया। पुरुषोत्तम के अलावा पुलिस ने गोतीराम को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि अभिषेक फरार होने में कामयाब हो गया। त्र्यंबकेश्वर पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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त्र्यंबकेश्वर में वर्किंग पर उठते रहे हैं सवाल
बता दें कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन और अन्य व्यवस्थाओं पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। पार्किंग, एंट्री और दर्शन पास के नाम पर वसूली की शिकायतें मिलती रही हैं। सुरक्षा गार्ड्स के व्यवहार पर सवाल उठाए गए हैं। श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इन सभी के बीच यक अवैध वसूली जारी थी। दरअसल त्योहारों और छुट्टियों में भारी भीड़ के कारण मंदिर में लंबी कतारें लगती हैं। इसी का फायदा उठाकर आरोपी शॉर्टकट दर्शन के नाम पर लोगों को फंसाते थे, लेकिन मंदिर ट्रस्ट के ही विश्वस्त की गिरफ्तारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
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