NPP Withdraws Support From BJP Government : मणिपुर से एक बड़ी खबर सामने आई। कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने बीजेपी सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। राज्य में भड़की हिंसा को कंट्रोल में विपक्ष रही बिरेन सरकार की वजह से सहयोगी पार्टी एनसीपी ने यह फैसला लिया। अब बड़ा सवाल उठता है कि क्या मणिपुर में बीजेपी की सरकार गिर जाएगी?
एनपीपी ने जेपी नड्डा को लिखा पत्र
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जारी अशांति के बीच कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने रविवार को एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। एनपीपी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में कहा कि सीएम एन बीरेन सिंह के नेतृत्व में सरकार राज्य में जातीय हिंसा को नियंत्रित करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में पूरी तरह विफल रही।
मणिपुर हिंसा की वजह से समर्थन लिया वापस
पत्र में यह भी कहा गया है कि एनपीपी ने मणिपुर की वर्तमान स्थिति को ध्यान रखते हुए बीरेन सिंह सरकार से अपना समर्थन तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला लिया है। एनपीपी ने यह चौंकाने वाला फैसला तब लिया, जब राज्य में पिछले साल मई से कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय संघर्ष जारी है। महिलाओं और बच्चों की लाशों की बरामदगी के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया।
जानें बीरेन सरकार पर क्या पड़ेगा असर?
मणिपुर में एनपीपी के समर्थन वापस लेने से बीजेपी सरकार गिरेगी या नहीं, इस आंकड़ों से समझे हैं। राज्य में विधानसभा की 60 सीटें हैं और किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 31 सीटें चाहिए। 2022 के चुनाव में भाजपा को 32 सीटों पर जीत मिली थी और एनसीपी के खाते में 7 सीटें आई थीं। बाद में जेडीयू के पांच विधायक भाजपा में शामिल हो गए, जिससे विधानसभा में बीरेन सरकार के पास 37 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में एनपीपी के समर्थन वापस लेने के बाद बीरेन सिंह की सरकार नहीं गिरेगी।