असम विधान सभा चुनाव को लेकर बीजेपी अपना संकल्प पत्र जारी करने की तैयारी में है, जिसमें विकास और सांस्कृतिक पहचान के बीच संतुलन साधने की रणनीति साफ नजर आएगी । संकल्प पत्र युवाओं, रोजगार, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर केंद्रित रहने वाला है।

रोजगार के मोर्चे पर पार्टी बड़ा दांव खेलने जा रही है। संकल्प पत्र में 2 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने का वादा शामिल किए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही, 10 लाख शिक्षित युवाओं को उद्यमिता के लिए ₹2 लाख से ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता देने की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: असम में चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री नंदिता गोरलोसा ने थामा कांग्रेस का हाथ

---विज्ञापन---

भूमि और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर रुख सख्त रहने के संकेत हैं। वन और स्वदेशी जमीनों को वापस लेने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान को जारी रखने का संकल्प पत्र में उल्लेख किया जा सकता है। साथ ही असम की सांस्कृतिक विरासत और पहचान को मजबूत करने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।

शिक्षा के क्षेत्र में मुफ्त शिक्षा का प्रावधान और निजी क्षेत्र के शिक्षकों को आर्थिक सहायता देने जैसे बड़े ऐलान भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं, जिन्हें एक अहम कदम माना जा रहा है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए हाई-एंड ईको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने और होमस्टे स्कीम के जरिए लोगों की आय बढ़ाने की योजना पर भी फोकस रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, राज्य के संतों और महान व्यक्तित्वों से जुड़े स्थलों पर विश्वस्तरीय स्मारक और कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव भी शामिल किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, यह संकल्प पत्र “सांस्कृतिक संरक्षण” और “टेक्नोलॉजी आधारित आर्थिक विकास” का मिश्रण पेश करने वाला है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति दिखेगी। इस संकल्प पत्र का लॉन्च 31 मार्च को प्रस्तावित है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी रहने की संभावना है।

यह भी पढ़ें: असम चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट, इन 7 नामों का कि