केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक अपमानजनक वीडियो शेयर करने का मामला सामने आया है. लद्दाख पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस संबंध में एक जीरो एफआईआर दर्ज की है. यह मामला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर योगेश परमार के खिलाफ लेह पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. पुलिस को मिली शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने फेसबुक पर एक वीडियो लिंक शेयर किया था. इस वीडियो में गृह मंत्री के खिलाफ नफरत भरी और आपत्तिजनक बातें कही गई थीं. वीडियो के तेजी से फैलने के बाद पुलिस ने शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया.

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शांति और सौहार्द बिगाड़ने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोपी पर समाज की शांति भंग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि इस तरह के आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने से आम जनता के बीच गुस्सा और असंतोष फैल सकता है. यह कार्य समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देता है. इससे क्षेत्र की शांति और कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ सकती है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि ऐसे बयानों से देश में सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द पर बहुत बुरा असर पड़ता है. इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होना बहुत जरूरी है.

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3 साल की सजा का प्रावधान

पुलिस ने इस मामले में नए कानून भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई हैं. एफआईआर में धारा 197(1)(डी) यानी राष्ट्रीय अखंडता के खिलाफ कार्य, धारा 352 यानी शांति भंग करने के इरादे से अपमान और धारा 353(1) यानी सार्वजनिक उपद्रव या दुष्प्रचार फैलाना शामिल है. इन धाराओं के तहत दोष साबित होने पर आरोपी को दो से तीन साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. इस घटना का क्षेत्राधिकार मैसूर होने के कारण केस को आगे की जांच के लिए कर्नाटक के देवराजा थाने भेज दिया गया है. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी करने वाली लड़की पर भी जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी.

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