दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद सोमवार को न्यूज 24 के भारत निर्माण समिट 2026 में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने न्यूज 24 की एंकर दिव्या अग्रवाल से खास बातचीत की. उन्होंने दिल्ली में बीजेपी की उपलब्धियां गिनाने से पहले कहा, ''किसी भी राज्य के प्रशासनिक ढांचे को बदलने के लिए डेढ़ साल कम समय है, जनता को हमसे उम्मीदें ज्यादा है. पीएम मोदी ने हमारे लिए ऊंचे मानक सेट किए हैं. इस वजह से जनता की उम्मीदें हम लोगों से ज्यादा हैं.''

ये भी पढ़ें: News24 Bharat Nirman Summit 2026: योगी राज में माफिया-मुक्त हुआ यूपी, अवनीश अवस्थी ने बताया उत्‍तर प्रदेश में विकास और इंफ्रा का क्‍या है विजन

---विज्ञापन---

'बीजेपी से उम्मीदें ज्यादा हैं'

आशीष सूद ने आगे कहा- ''27 साल बाद दिल्ली की जनता ने बीजेपी को सत्ता में भेजा है, इसलिए लोगों की उम्मीदें भी बहुत ज्यादा हैं. पार्टी की कोशिश रहती है कि जिन योजनाओं की शुरुआत करे, उन्हें पूरा करके उनका उद्घाटन भी वही करे. दिल्ली के प्रशासनिक सिस्टम में बदलाव की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते. दिल्ली सरकार के काम करने के तरीके को बदलने पर काम किया जा रहा है.'' आशीष सूद ने बताया कि उनके मुताबिक सबसे बड़ा बदलाव गवर्नेंस के तरीके में आया है. उन्होंने कहा- ''पहले मुख्यमंत्री के पास कोई विभाग नहीं होता था, सरकार के अलग-अलग विभागों और संस्थानों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति रहती थी. सफाई कर्मचारियों और दिल्ली की सफाई जैसे मुद्दों पर भी समस्याएं बनी रहती थीं.''

'सरकार चलाने का तरीका बदल रहे'

आशीष सूद का कहना है कि दिल्ली का बजट बहुत बड़ा नहीं है और सरकार के पास संसाधन भी सीमित हैं, लेकिन सरकार चलाने का तरीका बदला जा रहा है. उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके प्रशासन को ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है. आशीष सूद ने आगे कहा- ''शिक्षा भी एक अहम फोकस बन गई है. दिल्ली के स्कूलों में अब 9,000 से ज्यादा स्मार्ट क्लासरूम और 10,000 से ज्यादा स्टैंडर्ड कंप्यूटर हैं. सरकार ने 150 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी और लगभग 200 स्कूलों में लैंग्वेज लैब भी शुरू की हैं. दिल्ली सरकार कोचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाने पर भी काम कर रही है. प्रस्तावित फ्रेमवर्क में विज्ञापन, फीस, फैकल्टी के स्टैंडर्ड और कामकाज की शर्तों जैसे पहलू शामिल होंगे। सूद ने कहा कि रेगुलर स्कूल के समय के बाद स्कूल की इमारतों का इस्तेमाल कोचिंग सेंटर के तौर पर किया जा सकता है, जिससे छात्रों का खर्च कम करने में मदद मिल सकती है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Bharat Nirman Summit 2026: ‘मैं Gen Z की सराहना करती हूं’- साइना नेहवाल ने पेपर लीक प्रोटेस्ट को लेकर दिया बड़ा बयान

---विज्ञापन---