एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा से भी पास हो गया है. बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया था. बिल पास होने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही 31 जुलाई को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
विपक्ष के वॉकआउट के बीच बिल पास
बिल पास होने से ठीक पहले राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. चर्चा के अंत में, जब सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को जवाब देने के लिए बुलाया, तो राज्यसभा में विपक्ष के डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी ने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग उठाई. जब यह मांग खारिज की गई तो किए जाने के बाद कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने सदन का बहिष्कार कर दिया.
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सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष के इस रुख की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गैर-जिम्मेदार करार दिया. उन्होंने कहा कि करीब 8 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद जब मंत्री जवाब देने के लिए खड़े हुए, तब विपक्ष का इस तरह विरोध करना यह साबित करता है कि वे चर्चा में कोई रुचि नहीं रखते. इससे पहले, चर्चा की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी और गृह मंत्री की गैर मौजूदगी का मुद्दा उठाया था.
क्या हैं नए कानून में प्रावधान?
नए संशोधन बिल के मुताबिक, सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक या अनफेयर मीन्स में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों को न्यूनतम पांच साल से लेकर अधिकतम 10 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा होगी. इसके अलावा, पेपर लीक से जुड़े संगठित अपराधों के लिए और अधिक सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. ऐसे मामलों में कम से कम सात साल की जेल होगी, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है. साथ ही 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
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फास्ट-ट्रैक कोर्ट और स्पेशल टास्क फोर्स
इस विधेयक के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी सेशन कोर्ट को स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट के रूप में नामित कर सकें. कानून में यह अनिवार्य किया गया है कि इन स्पेशल कोर्ट में केसों की सुनवाई डे-टू-डे बेस्ड पर होगी और चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा किया जाएगा. इसके साथ ही, केंद्र सरकार को जरूरत पड़ने पर किसी भी मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाने करने का अधिकार भी मिल गया है.
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