गृह मंत्री अमित शाह आने वाले दिनों में देश के कई संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करने जा रहे हैं. गृह मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ, ड्रोन एक्टिविटी, तस्करी और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार लगातार अलर्ट मोड में है. अमित शाह 25 मई की रात राजस्थान के बीकानेर पहुंचेंगे. 26 मई की सुबह वे BSF की सीमा चौकी सांचू का दौरा करेंगे और सीमा पर तैनात जवानों से संवाद करेंगे. इस दौरान वे BSF कर्मियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे.

इसके बाद दोपहर 2 बजे बीकानेर में हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग आयोजित होगी. इस बैठक में गृह मंत्रालय, राजस्थान सरकार, बीएसएफ़ के वरिष्ठ अधिकारी, पांच सीमावर्ती जिलों के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल होंगे. बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकने की रणनीति, ड्रोन मूवमेंट, तस्करी और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विस्तृत होगी .

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गृह मंत्री 29 मई को गुजरात के भुज दौरे पर भी जाएंगे. यहां वे बीएसएफ सीमा चौकी के साथ-साथ रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हरामी नाला क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे. पाकिस्तान सीमा से सटे इस इलाके को सुरक्षा एजेंसियां बेहद संवेदनशील मानती हैं और यहां लगातार निगरानी रखी जाती है.

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इसके बाद 5 जून को अमित शाह त्रिपुरा के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जबकि जून के मध्य में वे पश्चिम बंगाल बॉर्डर का भी दौरा करने वाले हैं. बंगाल में अवैध घुसपैठ, सीमा पार तस्करी और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर विशेष समीक्षा किए जाने की संभावना है. राजनीतिक और रणनीतिक तौर पर अमित शाह के लगातार बॉर्डर दौरों को बेहद अहम माना जा रहा है.

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माना जा रहा है कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को लेकर 'ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत काम कर रही है. सरकार का फोकस केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमा क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, वेलफेयर और जवानों के मनोबल को मजबूत करने पर भी है. इन दौरों के जरिए केंद्र सरकार एक स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और बॉर्डर मैनेजमेंट मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं.