संसद में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भारी हंगामा देखने को मिला. लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस बात से नाराज थे कि उन्हें NEET पेपर लीक और युवाओं के विरोध-प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई के बारे में बोलने की इजाजत नहीं दी गई. लोकसभा में कांग्रेस की ओर से केसी वेणुगोपाल और फिर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को बोलने की मंजूरी दी गई. इसके बाद अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई डील हो गई है?
केवल भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को बोलने की मंजूरी मिलने से नाराज अखिलेश ने अपने हेडफोन उतारे और अपनी पार्टी के सांसदों के साथ जाने के लिए मुड़े. यह देखकर स्पीकर ने बीच-बचाव किया. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, 'अखिलेश जी, आपने भी बोलने के लिए कहा था. आप भी बोल सकते हैं.'
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अखिलेश यादव ने कहा, यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है, बल्कि छात्रों और युवाओं से जुड़ा है. गुस्से में भरे अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, 'आपने उन्हें (कांग्रेस) और उन्हें (बीजेपी) बोलने दिया. हमारा क्या? क्या सरकार ने कोई डील की है?'
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गौर करने वाली बात यह है कि मंगलवार को अखिलेश यादव भी राहुल गांधी के साथ पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे. सपा प्रमुख को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. बुधवार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए अखिलेश ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जाता रहा, तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे.
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अखिलेश ने कहा कि उन्होंने पीएम आवास जाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि विपक्ष के पास कोई और विकल्प नहीं बचा था. उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी और मैं प्रधानमंत्री आवास इसलिए गए क्योंकि हमारे पास कोई और विकल्प नहीं था. अगर हमें संसद में यह मुद्दा उठाने की इजाजत दी जाती, तो हम वहां नहीं जाते.'