अजित पवार के विमान हादसे मामले में उनके भतीजे और विधायक रोहित पवार ने इस मामले में 'सुनियोजित आपराधिक साजिश का आरोप लगाते हुए कर्नाटक पुलिस में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई है. 28 जनवरी 2026 को पुणे के बारामती एयरपोर्ट के पास हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी.
रोहित पवार का दावा है कि मुंबई और पुणे पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न किए जाने और सीआईडी द्वारा इसे केवल दुर्घटना मानने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.
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शिकायत में सबसे चौंकाने वाला खुलासा DGCA की ऑडिट रिपोर्ट के हवाले से किया गया है. आरोप है कि जिस 'VSR Ventures' कंपनी का विमान (Bombardier Learjet 45) अजित पवार इस्तेमाल कर रहे थे, उसे पहले ही उड़ान के लिए असुरक्षित पाया गया था. इतना ही नहीं, यह विमान पहले अमेरिका में 'अनफिट' घोषित किया जा चुका था, फिर भी इसे भारत में वीआईपी मूवमेंट के लिए इस्तेमाल किया गया.
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एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विमान के उड़ान घंटों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है. कागजों पर विमान की उड़ान 4,915 घंटे दिखाई गई, जबकि असल में यह 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ चुका था. साथ ही, विमान के रजिस्ट्रेशन और एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट की तारीखों में भी गंभीर विसंगतियां पाई गई हैं.
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हादसे के वक्त विमान उड़ा रहे चीफ पायलट सुमित कपूर के ट्रैक रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए गए हैं। वे पहले दो बार शराब पीकर विमान उड़ाने के मामले में सस्पेंड हो चुके थे.
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शिकायत के मुताबिक, असली पायलट को 'ट्रैफिक जाम' का बहाना बनाकर बदला गया, जिसका कोई सबूत नहीं है. हादसे के ठीक पहले को-पायलट के आखिरी शब्द "OH SHIT" थे, लेकिन अनुभवी चीफ पायलट पूरी तरह खामोश रहे. उन्होंने कोई 'इमरजेंसी कॉल' तक नहीं की.
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हादसे के समय विजिबिलिटी केवल 2,000-3,000 मीटर थी, जबकि नियमों के मुताबिक, 5 किमी से कम विजिबिलिटी में लैंडिंग की अनुमति नहीं होती. इसके बावजूद विमान को क्लियरेंस दिया गया. रोहित पवार ने हाल ही में पायलट के कराए गए 'लाइफ इंश्योरेंस' को भी संदिग्ध बताया है.