भारत के लाखों ट्रक ड्राइवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही वो वक्त आने वाला है, जब चाहे जितनी मर्जी झुलसा देने वाली गर्मी पड़े, लेकिन माल को एक से दूसरी जगह पहुंचाने के काम में लगे ड्राइवर्स एकदम चिल होकर ड्राइविंग पर फोकस कर पाएंगे। देश की सरकार ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है, लगभग 10 महीने बाद जिसका असर दिखने लग जाएगा। ऐसे में दिलचस्प बात यह है कि देश का परिवहन मंत्रालय ऐसा क्या करने जा रहा है।
जुलाई में दिया था परिवहन मंत्री ने संकेत
बता देना जरूरी है कि इसी साल जुलाई में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रक ड्राइवर्स की सुविधा को लेकर देश की सरकार की तरफ से एक बड़ा कदम उठाए जाने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा था कि तपती गर्मी में काम करना ट्रक ड्राइवरों के लिए बड़ी मजबूरी है। उन्हें इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ट्रकों के केबिन में एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाया जाना जरूरी करने पर विचार कर रही है। अब परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में तैयार मसौदे को मंजूरी दे दी है। एक कार्यक्रम में गडकरी ने इस पर बात की।
1 अक्टूबर 2025 के बाद बनेंगे AC केबिन वाले ट्रक
उधर, परिवहन मंत्री के अनुसार मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में परिवहन मंत्रालय की तरफ से साफ कर दिया गया है कि 1 अक्टूबर 2025 के बाद बनने वाले N2 और N3 कैटेगरी के ट्रकों के केबिन में एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाया ही लगाया जाएगा। IS14618:2022 के अनुसार इनकी टेस्टिंग की जाएगी। यहां इस मामले में यह बात भी उल्लेखनीय है कि अमेरिका जैसे देशों में मालवाहक वाहनों के चालकों के आराम और उनकी सुरक्षा पहली प्राथमिकता में हैं। वहां ट्रकों के केबिन में एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाया जाता है, जबकि भारत में ऐसा नहीं है।
रोड सेफ्टी के लिए स्कूल प्रबंधनों से की गडकरी ने अपील
अब इस समस्या का हल निकालते हुए केंद्रीय नितिन गडकरी ने भरोसा दिया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर दूसरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी के साथ अब ताजा फैसले पर गौर करें तो ट्रक ड्राइवरों की सुविधा और काम की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा। इसी के साथ रोड सेफ्टी अभियान को लेकर भी देश की सरकार ने विश्व बैंक के साथ एक नई पहलकदमी की है। इस पर सहमति को लेकर आयोजित कार्यक्रम में परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि रोड सेफ्टी के लिए स्कूल प्रबंधनों को आगे आना चाहिए।