शराब नीति मामले में राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी करने के बाद तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. रिहाई को लेकर तेजस्वी ने ने साफ कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया, राजनीतिक रंजिश निकालने के लिए झूठे मुकदमे गढ़े गए. तेजस्वी ने कहा कि संस्थाओं का दुरुपयोग कर चुनावी फायदा लेने की कोशिश की गई.

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तेजस्वी ने बीजेपी पर लगाए आरोप

उन्होंने कहा कि जिस कथित शराब घोटाले को लेकर हंगामा मचाया गया, उसी मामले में कोर्ट से राहत मिल चुकी है. ऐसे में सवाल उठता है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई किस आधार पर की गई? केजरीवाल ने यहां तक कहा कि जांच अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि ED और CBI जैसी एजेंसियां केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं और विपक्षी नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का चाल, चरित्र और चेहरा अब देश के सामने उजागर हो चुका है. इतना ही नहीं, उन्होंने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की मांग कर दी.

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'हमें न्यायपालिका पर भरोसा है'

तेजस्वी यादव का कहना है कि अगर झूठे मुकदमों की वजह से चुनाव प्रभावित हुए, तो जनता को दोबारा सही मुद्दों पर फैसला करने का मौका मिलना चाहिए. इस मुद्दे पर बाकी विपक्षी नेताओं का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ वही नहीं, बल्कि राहुल गांधी और लालू प्रसाद यादव जैसे नेता भी राजनीतिक रंजिश का शिकार होते रहे हैं. IRCTC और लैंड फॉर जॉब जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि कई बार जांच के बाद भी जबरन केस दोबारा खोले गए. तेजस्वी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. वहीं राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने साफ किया कि गठबंधन के सहयोगियों से बातचीत जारी है और चुनाव मजबूती से लड़ा जाएगा.

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