Aaj Ki Taaza Khabar LIVE Updates: पैलेट गन को लेकर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप
20 जुलाई को दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर प्रदर्शनकारियों और छात्र संगठनों ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया गया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जबकि आधिकारिक तौर पर इससे इनकार किया गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसे सबूत और मेडिकल रिकॉर्ड हैं जो इन दावों की पुष्टि करते हैं.
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कई घायल अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. शेख इरशाद, नूतन और साहिल समेत कई लोगों को गंभीर चोटें आईं. आरोप है कि साहिल की आंख में पेलेट लगने से सर्जरी करनी पड़ी और उनकी दृष्टि पर स्थायी असर पड़ने की आशंका जताई गई है. कई घायलों के चेहरे, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें होने का भी दावा किया गया.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया. आरोप है कि लाठीचार्ज के दौरान महिलाओं के संवेदनशील अंगों को निशाना बनाया गया और कई घटनाएं कैमरों में भी कैद हुई हैं. इसके अलावा, सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों द्वारा भी प्रदर्शनकारियों पर हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है.
ये भी कहा गया कि घायल प्रदर्शनकारी इलाज के लिए आरएमएल, एलएचएमसी और सफदरजंग अस्पताल पहुंचे, जबकि कई लोग गिरफ्तारी के डर से अस्पताल तक नहीं जा सके और अपने गृह राज्यों को लौट गए.
आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद व्यापक निगरानी (सर्विलांस) की गई. टॉल्स्टॉय मार्ग पर मंच पर आने वाले लोगों की प्रोफाइलिंग की गई और विशेष रूप से मुस्लिम छात्रों को निशाना बनाया गया. दावा किया गया कि जामिया, ओखला और निजामुद्दीन क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को रोका गया तथा करीब 600 छात्रों को हिरासत में लिया गया.
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से सवाल किया कि यदि पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ तो इसका आदेश किस स्तर से दिया गया. साथ ही यह भी पूछा गया कि सादे कपड़ों में मौजूद वे लोग कौन थे जो लाठीचार्ज में शामिल थे. उन्होंने हिंसा और कथित पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की.
Report by Rahul Prakash