प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच हुई वार्ता के बाद, भारत और उज्बेकिस्तान ने रविवार को अपने रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया और 2030 तक वार्षिक व्यापार को पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया. दोनों पक्षों ने खनन और पर्यटन समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. साथ ही, असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के मुताबिक, उज्बेकिस्तान से भारत को यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक व्यवस्था बनाने पर भी सहमति जताई. वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, महत्वपूर्ण खनिजों, खनन, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई समेत डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

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पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ''भारत-उज्बेकिस्तान की मजबूत साझेदारी मध्य एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए एक मजबूत आधार साबित होगी.'' दोनों पक्षों के बीच भविष्य में सहयोग के महत्वाकांक्षी एजेंडे पर विस्तार से चर्चा करते हुए PM मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान अपने रक्षा उद्योगों को सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. व्यापार और निवेश के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार तक पहुंच, बैंकिंग, भुगतान प्रणालियों और संपर्क से जुड़े मुद्दों का व्यवस्थित तरीके से समाधान किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा, ''दोनों देशों के बीच घनिष्ठ रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है. भविष्य में, हम अपने रक्षा उद्योगों के बीच सीधे संपर्क, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त विकास को बढ़ावा देंगे.'' प्रधानमंत्री ने आगे कहा,''हमारा मानना है कि आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौतियां हैं. इन खतरों को कतई नहीं सहन करने की नीति बनाए रखना हमारा साझा संकल्प रहा है और आगे भी बना रहेगा.''

किन मुद्दों पर बनी बात?

उज्बेकिस्तान में बौद्ध स्थलों फयाज तेपा और कारा तेपा के पुनरुद्धार और संरक्षण के लिए एक आशय पत्र पर भी सहमति बनी. दोनों पक्षों ने घोषणा की है कि एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड’ (NIPL) और उज्बेकिस्तान के 'नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर जेएससी' के बीच एक वाणिज्यिक समझौते को अंतिम रूप दिया गया है. इसके तहत भारत के यूपीआई ऐप मध्य एशियाई देश में व्यापारियों को भुगतान करने के लिए राष्ट्रीय QR कोड-UZQR कोड को स्कैन कर सकेंगे. पीएम मोदी और मिर्जियोयेव के बीच वार्ता के आखिर में की गई घोषणाओं में अरल सागर क्षेत्र में वनीकरण के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर की अनुदान राशि देना भी शामिल था.

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