आम आदमी पार्टी के बागी सांसद राघव चड्ढा को BJP जॉइन करने के बाद बड़ा झटका लगा है। पिछले 2 दिन में 1 मिलियन यानी 10 लाख से ज्यादा लोगों ने इंस्टाग्राम पर उन्हें अनफॉलो किया है। 23 अप्रैल को राघव के इंस्टाग्राम पर 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे। लेकिन 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद से अबतक राघव को इंस्टाग्राम पर 11 लाख से ज्यादा लोगों ने अनफॉलो किया। अब राघव के इंस्टाग्राम पर 13.5 मिलियन फॉलोअर्स, जो लगातार तेजी से गिर रहे हैं।

राघव चड्ढा को लेकर बड़ा खुलासा, अरविंद केजरीवाल ने की थी मुलाकात, जानें सांसदों से क्या बोले थे AAP के अध्यक्ष?

---विज्ञापन---

आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया

बता दें कि राघव चड्ढा ने बीते दिन आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह ने भी रिजाइन दिया है। लेकिन राघव, संदीप और अशोक ने ही BJP जॉइन की है। राघव ने BJP जॉइन करने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए थे। स्वाति मालीवाल ने भी पोस्ट लिख इस्तीफा देने की पुष्टि कर दी है। राघव चड्ढा समेत सभी सांसदों ने राज्यसभा को जरूरी कागज भी दे दिए हैं।

---विज्ञापन---

डिप्टी लीडर पद से हटाने से नारजागी

बता दें कि राघव चड्ढा राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने से नाराज थे। आम आदमी पार्टी ने उन्हें पद से हटाकर अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाया था। वहीं पद से हटाए जाने के बाद राघव ने वीडियो जारी करके नाराजगी भी जताई थी। दरअसल राघव काफी समय से पार्टी की गतिविधियों से दूर थे। न तो वे पार्टी कार्यक्रमों का हिस्सा थे और न ही पार्टी नेताओं से मिलते थे। जबकि राज्यसभा में वे आम लोगों से जुड़ा मुद्दा बढ़-चढ़कर उठाते थे, लेकिन अपने हल्के पर ध्यान नहीं देते थे।

---विज्ञापन---

राघव चड्ढा फिर देंगे झटका? अरविंद केजरीवाल की बढ़ी टेंशन, जानें क्या है दिल्ली के 22 AAP विधायकों से कनेक्शन

---विज्ञापन---

अरविंद केजरीवाल की टेंशन बने राघव

बता दें कि आम आदमी पार्टी छोड़कर BJP जॉइन करने के बाद अरविंद केजरीवाल के लिए राघव टेंशन बन गए हैं। क्योंकि वे अपने साथ 6 सांसदों को लेकर गए हैं। अब उनका टारगेट दिल्ली के 22 विधायक हो सकते हैं। पंजाब में AAP नेता हो सकते हैं, जिन्हें पंजाब में चुनाव से पहले तोड़कर अपने हक में कर सकते हैं। इसलिए अरविंद केजरीवाल के लिए खाली हुई 7 सांसद सीटों को भरने की चुनौती है। दिल्ली और पंजाब के विधायकों को एकजुट करने की चुनौती भी है और दोनों टेंशन बने हुए हैं।

---विज्ञापन---