Flat Stomach Yoga: फिट रहने के लिए किसी भी क्रैश डाइट या एक्स्ट्रीम वर्कआउट से बेस्ट है योग. अगर योग को लाइफस्टाइल का हिस्सा बना लिया जाए तो इससे ना सिर्फ शरीर अंदर से बल्कि बाहर से भी स्वस्थ रहता है. योग करने पर कोर मसल्स एक्टिवेट और टोन होती हैं, इससे मेटाबॉलिज्म और पाचन बेहतर होता है, वॉटर रिटेंशन और ब्लोटिंग कम होने में मदद मिलती है, फ्लेक्सिबिलिटी और पोस्चर बेहतर होते हैं साथ ही स्ट्रेस कम होता है जिससे कमर पतली और शरीर टोंड नजर आने लगता है. ऐसे में यहां जानिए वो कौन से योग (Yoga Poses) हैं जो आपको फिट और पतला करने में मदद करेंगे.
किस योग से पतली होगी कमर और अंदर होगा पेट
भुजंगासन
भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहते हैं. इस आसन को करने पर तनाव कम होता है और पोस्चर बेहतर होने लगता है. भुजंगासन करने के लिए अपने पेट के बल लेट जाएं, हाथ पैरों को बाहर निकालकर रखें. अब दोनों हथेलियों को कंधे के पास जमीन पर रखें और शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं. इस पोज को 15 से 30 सेकंड तक होल्ड करने के बाद नॉर्मल ब्रीदिंग के साथ जमीन पर वापस लेट जाएं. इससे कोर मजबूत होता है और पाचन बेहतर होने लगता है.
पतले पेट और कमर के लिए धनुरासन किया जा सकता है. धनुरासन करने पर कोर मसल्स खिंचती हैं और पूरी बॉडी की अच्छी स्ट्रेचिंग हो जाती है. धनुरासन करने के लिए अपने पेट के बल लेटें और घुटनों को मोड़कर पैरों को हाथों से पकड़ लें. अब सांस लेते हुए शरीर के आगे के हिस्से को ऊपर उठाएं और पैरों को भी पकड़े रहें. इससे शरीर धनुष की शेप में आ जाता है. इस पोज को होल्ड करें और फिर नॉर्मल हो जाएं. इससे पोस्चर बेहतर होता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और पेट के आस-पास का एरिया टोन होता है.
पवनमुक्तासन या विंड रिलीविंग पोज को पेट की गैस निकालने और पेट फूलने की दिक्कत को दूर करने के लिए किया जाता है, लेकिन यह आसन पतला पेट पाने के लिए भी किया जा सकता है. इसे करने के लिए पीठ के बल लेटा जाता है और एक घुटने को मोड़कर छाती तक लाया जाता है. 15 से 20 सेकंड तक इस पोज को होल्ड करके नॉर्मल हुआ जाता है. दूसरे पैर के साथ भी यह प्रक्रिया दोहराई जाती है.
केमल पोज या उष्ट्रासन करने के लिए घुटनों के बल बैठें. अब अपने दोनों हाथों को पीछे मुड़ते हुए अपने एंकल्स यानी पैरों की एड़ियों के पास से पकड़ें और पीठ को अंदर की तरफ मोड़ें जिससे आपका सिर पीछे और आंखें ऊपर की तरफ होंगी. इस आसन को करने पर बेली फैट कम होता है, बेली टोन्ड होती है, छाती खुलती है और पोस्चर सुधरता है.
इसे लेग रेज पोज भी कहते हैं. उत्तानपादासन करने के लिए अपनी पीठ के बल लेटें. इसके बाद अपने पैरों को ऊपर की तरफ 45 डिग्री या 60 डिग्री के कोण में उठाएं और हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखा रहने दें. इस पोज को 30 से 60 सेकंड नॉर्मली सांस लेते हुए होल्ड करें और फिर नॉर्मल हो जाएं. इससे बैली फैट कम होता है और पैरों की मसल्स भी टोन होती हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.