रेबीज का नाम आते ही सबसे पहले कुत्ते के काटने का ख्याल आता है. इसकी वजह भी है कि WHO के मुताबिक, इंसानों में होने वाले रेबीज के करीब 99% मामलों में कुत्ते के वायरस से होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे जानवरों के काटने या खरोंचने से रेबीज का खतरा नहीं होता. रेबीज एक वायरस बीमारी है, जो इफेक्टिव जानवर की लार लगने से इंसानों में फैल सकती है. अगर आपको लगता है कि सिर्फ कुत्ते के काटने से ऐसा होता है, लेकिन ऐसा नहीं है. यह बीमारी एक नहीं बल्कि कई जानवर के काटने से हो सकती है और ये जानवर कौन से हैं, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
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किन जानवरों से हो सकता है रेबीज का खतरा?
बिल्ली
बिल्ली के काटने या खरोंच को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर बिल्ली बीमार है तो उसकी लार के जरिए रेबीज वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है. WHO के मुताबिक, बिल्ली के काटने से रेबीज का खतरा बढ़ जाता है.
बंदर
भारत में बंदर के काटने के मामले भी सामने आते हैं. WHO ने बताया है कि भारत में किए गए कुछ अध्ययनों में कुत्ते के बाद बंदर को एनिमल बाइट इंजरी का सबसे बड़ा खतरा पाया जाता है. बंदर के काटने से रेबीज के अलावा कई इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है.
चमगादड़
चमगादड़ रेबीज वायरस का सबसे बड़ा खतरा है. चमगादड़ के काटने के निशान कई बार बहुत छोटे होते हैं और आसानी से दिखाई नहीं देते. इसलिए चमगादड़ के काटने को हल्के में न लें और तुरंत इलाज करें. WHO का कहना है कि अगर चमगादड़ बीमार है तो और गंभीर बीमारी हो सकती है.
लोमड़ी, सियार और दूसरे जंगली जानवर
लोमड़ी, सियार, भेड़िया और दूसरे जंगली जानवर भी रेबीज फैला सकते हैं. WHO के अनुसार, बीमार जानवर की लार के जरिए काटने, खरोंचने या खुले घाव और आंख-मुंह जैसी चीजों के संपर्क में आने से ये समस्या हो सकती है.
नेवला और दूसरे जंगली स्तनधारी
रेबीज सिर्फ पालतू जानवरों में नहीं देखा जाता. WHO की जानकारी के अनुसार, बीमार नेवला समेत कई दूसरे जंगली स्तनधारी भी इंसानों तक वायरस पहुंचा सकते हैं. इसलिए किसी जंगली जानवर के काटने या खरोंच को मामूली चोट समझकर छोड़ना सही नहीं है.
जानवर के काटने पर तुरंत क्या करें?
सबसे पहला काम घाव को धोना है. WHO ने कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से घाव को अच्छी तरह धोने की सलाह दी है. इसके बाद जल्द से जल्द डॉक्टर या एंटी-रेबीज क्लिनिक में जाकर चेकअप कराने के लिए कहा है. जरूरत पड़ने पर रेबीज वैक्सीन लगाना चाहिए.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source- WHO
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