Coronary Artery Disease: दिल में होने वाली दिक्कतों में से एक है कोरोनरी आर्रटरी डिजीज जिसमें दिल तक जाने वाली रक्त वाहिनियां सिंकुड़ने लगती हैं और खून और ऑक्सीजन की सप्लाई में दिक्कत आती है. इस कंडीशन को कोरोनी हार्ट डिजीज (Coronary Heart Disease) भी कहते हैं. कोरोनरी आर्टरी डिजीज रक्त धमनियों में कॉलेस्ट्रोल प्लाक जमने से होने वाली दिक्कत है. ये प्लाक फैटी पदार्थ या डिपॉजिट होते हैं, इंफ्लेमेटरी सेल्स, कैल्शियम और फाइब्रोस टिशूज से बने होते हैं. जब दिल तक जाने वाली धमनियां सिंकुड़ती हैं तो दिल की मसल्स धीमी पड़ने लगती हैं और इस दौरान सीने में दर्द भी महसूस हो सकता है. लेकिन, एक आम व्यक्ति कैसे पहचान सकता है कि वह धमनियों में प्लाक जमने की दिक्कत से दो-चार हो रहा है? इसका जवाब हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग ने दिया है. यहां जानिए हार्वर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक आर्टरीज में प्लाक जमने पर शरीर पर कैसे लक्षण दिखते हैं और यह दिक्कत किन लोगों को होने की संभावना रहती है.
कोरोनरी आर्टरी डिजीज के क्या लक्षण होते हैं
अधिकतर लोगों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज में एन्जिना की दिक्कत होती है जिसमें सीने में तेज दर्द होता है, प्रेशर महसूस होता है, ऐसे लगता है कोई सीने को सिंकोड़ रहा है और सीने में जलन महसूस होती है. सीने के बीच में यह दर्द ज्यादा होता है. यह दर्द फैलकर जबड़े, गर्दन या पेट के ऊपरी हिस्से में भी महसूस हो सकता है.
आर्टरी ब्लॉकेज या हार्ट ब्लॉकेज (Heart Blockage) में अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं, जैसे पसीना बहना, घबराहट महसूस होना, चक्कर आना, सांस फूना और पाल्पिटेशंस.
ज्यादातर लोग लक्षण पहचानने में करते हैं यह गलती
कोरोनरी आर्टरी डिजीज के लक्षणों (Coronary Artery Disease Symptoms) को लोग आमतौर पर पाचन की खराबी समझ लेते हैं. सीने में दर्द को गैस या एसिडिटी के कारण होने वाला दर्द या जलन समझ लिया जाता है. लेकिन, कोरोनरी आर्टरी डिजीज में बार-बार लक्षण दिख सकते हैं, ऐसे में अगर किसी को बार-बार ये लक्षण दिखते हैं तो एक बार डॉक्टर से जांच करवानी जरूरी है जिससे दिक्कत की जड़ तक पहुंचा जा सके.
किन लोगों में होता है कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा
इन कंडीशंस से दो-चार हो रहे लोगों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज का रिस्क ज्यादा रहता है –
- हाई ब्लड कॉलेस्ट्रोल लेवल्स (High Blood Cholesterol)
- हाई LDL या बैड कॉलेस्ट्रोल लेवल्स (High Bad Cholesterol)
- हाई ट्राइग्लाइसेराइड्स लेवल्स
- हाई लाइप्रोटीन लेवल्स
- हाई ब्लड प्रेशर
- डायबिटीज
- परिवार में किसी को कोरोनरी आर्टरी डिजीज रही हो
- सिगरेट पीना
- मोटापा
- फिजकली एक्टिव ना होना
- इंफ्लेमेशन
कोरोनरी आर्टरी डिजीज से कैसे बचकर रह सकते हैं
धूम्रपान का सेवन ना करके, हेल्दी डाइट खाकर, कॉलेस्ट्रोल कम करके, हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करके, वजन घटाकर और नियमित रूप से एक्सरसाइज करने पर कोरोनरी आर्टरी डिजीज के खतरे को कम किया जा सकता है.
हाई कॉलेस्ट्रोल को कम करना क्यों जरूरी है
हाई कॉलेस्ट्रोल लेवल्स कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने का एक बड़ा कारण है. गंदे कॉलेस्ट्रोल के धमनियों में जमने से रक्त प्रवाह बाधित होता है और इससे दिल तक और दिल से शरीर के अन्य हिस्सों तक ब्लड फ्लो ठीक तरह से नहीं होता है. अगर गंदे कॉलेस्ट्रोल को वक्त रहते कम ना किया जाए तो यह हार्ट अटैक (Heart Attack) या स्ट्रोक का कारण बन सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.